@शब्द दूत ब्यूरो (11 अगस्त 2026)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मेरे घर में भी एक जेन जी है और एक अल्फा जी है’ कहते हुए नई पीढ़ी की सोच और आकांक्षाओं को समझने की बात कही। मुख्यमंत्री के इस अंदाज पर सभागार में मौजूद विद्यार्थियों ने जमकर तालियां बजाईं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल भी लॉन्च किया। पोर्टल के शुरू होने के साथ ही विद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेशभर के 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इन विद्यार्थियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फीस भी राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
कार्यक्रम में प्रदेश के 2828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाले अवसर बढ़ाने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने जैसे सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लिया और उन्हें स्वयं नोट किया। उन्होंने अधिकारियों को सुझावों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।
छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में केवल नंबरों से अधिक जरूरी विषय की समझ है। जीवन में संस्कार और अनुशासन को अपनाने से सफलता का रास्ता आसान होता है। पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि भविष्य संवारने का माध्यम समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लीडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि लीडर वही होता है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का काम, समाज के प्रति संवेदना और अपने कार्य के प्रति लगन ही उसके नाम को लंबे समय तक यादगार बनाती है। जीवन में सफलता केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है।
AI को सहयोगी बनाएं, सोचने की क्षमता का विकल्प नहीं
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का उपयोग जरूरत के अनुसार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि AI उपयोगी और ज्ञानवर्धक तकनीक है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग सोचने और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी विषय पर सबसे पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करें। इसके बाद गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें तथा आवश्यकता पड़ने पर AI की सहायता लें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।
मुख्यमंत्री ने पढ़ाई के साथ खेलों को भी महत्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से युवाओं और समाज में खेलों के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है। अब प्रदेश के विद्यार्थी विभिन्न खेल विधाओं में अपना भविष्य बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना का भी उल्लेख किया।
‘मेरे घर में भी एक जेन जी और एक अल्फा जी’
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने नई पीढ़ी से अपने जुड़ाव को बताते हुए कहा कि उनके घर में भी एक जेन जी और एक अल्फा जी हैं। मुख्यमंत्री की इस बात पर सभागार में मौजूद छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कारण वे नई पीढ़ी की सोच, उनकी रुचियों और भविष्य को लेकर उनकी आकांक्षाओं को करीब से समझते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संवाद का रास्ता हमेशा खुला है। छात्र अपनी समस्याओं, सुझावों और विचारों को खुलकर सरकार के सामने रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तत्पर है। निरंतर संवाद से ही बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के कॉर्डिनेटर डॉ. राहुल अग्रवाल और संचालन कर रहीं रिया अग्रवाल ने निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर शिक्षा सचिव ज्योति यादव, निदेशक नमामि बंसल, अंकिता कोंडे, गोविंद राम जायसवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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