घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
@शब्द दूत ब्यूरो (28 सितंबर 2026)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर में रविवार रात भाजपा नेता चंदन भल्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना बोलपुर के वार्ड नंबर 12 के त्रिशूलपट्टी इलाके में हुई। चंदन भल्ला की पहचान भाजपा के बूथ स्तर के पदाधिकारी के रूप में हुई है। विभिन्न रिपोर्टों में उनकी उम्र 46 से 47 वर्ष बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक, चंदन भल्ला अपनी बाइक से किसी व्यक्ति को जमीन दिखाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान दो बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें बेहद करीब से गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। गोली उनके सिर में लगी। गंभीर हालत में उन्हें बोलपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चंदन की पत्नी श्यामोली भल्ला के अनुसार, वह जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े काम करते थे और रविवार रात किसी को जमीन दिखाने के लिए घर से निकले थे। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी व्यक्ति ने बुलाया था, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें किसने और किस उद्देश्य से बुलाया था।
मृतक के बड़े भाई गौरा चंद्र भल्ला ने घटना को लेकर नानूर इलाके के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं पर शक जताया है। उनका कहना है कि घटना से पहले नानूर थाना क्षेत्र से जुड़े कुछ भाजपा कार्यकर्ता सुबह उनके घर आए थे। हालांकि, यह आरोप फिलहाल परिवार के संदेह पर आधारित है और पुलिस जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति को इस मामले में आरोपी भी घोषित नहीं किया गया है।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के सामने यह भी जांच का विषय है कि हत्या राजनीतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद था।
स्थानीय भाजपा नेता सुमित मंडल ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि चंदन लंबे समय से पार्टी के कार्यकर्ता थे और उनके साथ कई राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि हत्या किसने और किस वजह से की, यह जांच का विषय है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद बीरभूम जिले में राजनीतिक हत्या की कोई ऐसी घटना सामने नहीं आई थी। ऐसे में चंदन भल्ला की हत्या ने इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, इस हत्या को राजनीतिक हत्या माना जाए या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हत्या की वास्तविक वजह और हमलावरों की पहचान पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
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