@शब्द दूत ब्यूरो (24 जुलाई 2026)
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर राष्ट्र के नाम वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने, फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का ऐलान किया, वहीं दूसरी ओर छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। यह फैसला उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 11:52 बजे जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली पर हमला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक कानूनी और प्रशासनिक सुधार लागू करने जा रही है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक नया सख्त कानून तैयार किया गया है। इस विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए देशभर में फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके और भविष्य में कोई भी परीक्षा माफिया ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले ढाई महीनों के दौरान सरकार ने कई राज्यों में कार्रवाई कर पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया है। अनेक आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और आगे भी किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने छात्रों से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश के कुछ ही समय बाद सोनम वांगचुक ने अपने 26 दिन पुराने अनिश्चितकालीन अनशन को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ लंबी बातचीत के बाद तथा लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उन्होंने यह निर्णय लिया। वांगचुक ने कहा कि देश में तनाव और संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने फिलहाल अनशन समाप्त करने का फैसला किया है, जबकि आंदोलन के उद्देश्य और छात्रों की मांगें अभी भी बरकरार हैं।
उन्होंने कहा कि बातचीत में जो सहमति बनी है और सरकार की ओर से जो आश्वासन मिले हैं, उनकी विस्तृत जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो संदेश के माध्यम से देश के सामने रखेंगे। साथ ही उन्होंने छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने 28 जून से नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उधर प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग दोहराई। वहीं भाजपा ने प्रधानमंत्री के संदेश का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, विश्वसनीय और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
देशभर में जारी छात्र आंदोलन, प्रधानमंत्री द्वारा सख्त कानून लाने की घोषणा और सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक, फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और परीक्षा सुधारों को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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