@शब्द दूत ब्यूरो (05 सितंबर 2026)
देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी है। शनिवार को देहरादून में तीन और हल्द्वानी में दो मदरसों को सील कर दिया गया। सरकार के मुताबिक इन मदरसों ने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से आवश्यक मान्यता नहीं ली थी।
अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून जिले में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया, आजाद कॉलोनी माजरा स्थित मदरसा दार-ए-अरकम तथा मक्का मस्जिद के निकट स्थित मदरसा दारूल उलूम रहीमिया शामिल हैं। इनमें से जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि अन्य दो मदरसों के प्रबंधकों ने लिखित अंडरटेकिंग देकर संस्थान बंद करने की जानकारी दी।
डॉ. धकाते के अनुसार अब तक प्रदेश में 17 मदरसों को सील किया जा चुका है। इनमें ऊधम सिंह नगर के आठ, हरिद्वार के चार, नैनीताल के चार और देहरादून का एक मदरसा शामिल है। इसके अलावा तीन मदरसा प्रबंधकों ने लिखित रूप से अपने संस्थान बंद करने की जानकारी दी है। इस तरह सरकार के अनुसार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों को बंद कराया जा चुका है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में भी दो मदरसों पर कार्रवाई की गई। इनमें शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकतें ए आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा स्थित रमजान ऑर्गनाइजेशन इमाइजेशन सुन्नी बड़ी मस्जिद से संबंधित मदरसा शामिल हैं। हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट एबी वाजपेयी ने बताया कि दोनों मदरसा प्रबंधकों से मान्यता संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों भवनों को सील कर दिया गया।
सरकार ने मदरसों के लिए नई मान्यता व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत आधुनिक शिक्षा को भी पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय पहले ही ले चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बिना आवश्यक मान्यता के संचालित मदरसों को बंद किया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप संचालित किया जाएगा।
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