मामले की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को दे दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर मतदाता के नाम के साथ हनुमान जी की तस्वीर कैसे दर्ज हो गई।
@शब्द दूत ब्यूरो (08 सितंबर 2026)
कोटा। राजस्थान के कोटा नगर निगम चुनाव से पहले मतदाता सूची में सामने आई एक अजीबोगरीब गड़बड़ी ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड नंबर 29 की भाग संख्या 12 की मतदाता सूची में क्रमांक 1294 पर जगदीश पुत्र रामचंद्र का नाम दर्ज है, लेकिन उनके फोटो वाले कॉलम में उनकी तस्वीर के बजाय भगवान हनुमान जी की तस्वीर लगी हुई है। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी और बीएलओ भी हैरान हैं।
मतदाता सूची के अनुसार जगदीश की उम्र 35 वर्ष है और उनका पता प्रेम नगर सेकंड, कंसुआ क्षेत्र में मकान नंबर 6 दर्ज है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) पिछले करीब 10 दिनों से जगदीश की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल पाया है।
बीएलओ राजेश गुप्ता के मुताबिक उन्होंने इस मतदाता का नाम सूची में नहीं जोड़ा और न ही इसका सत्यापन उनके स्तर से किया गया है। उनका कहना है कि यह नाम एसआईआर के बाद मतदाता सूची में जुड़ा था। कुछ आवेदन सीधे कार्यालय में भी आने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को दे दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर मतदाता के नाम के साथ हनुमान जी की तस्वीर कैसे दर्ज हो गई।
इस मामले ने एक अहम सवाल भी खड़ा कर दिया है कि यदि किसी नए मतदाता का नाम सूची में जोड़ा गया था तो उसके पते और पहचान का सत्यापन किस स्तर पर हुआ। साथ ही, जगदीश के नाम के सामने किसी व्यक्ति की तस्वीर के बजाय भगवान हनुमान की तस्वीर मतदाता सूची तक कैसे पहुंची, इसकी भी जांच जरूरी है। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे मानवीय भूल या रिकॉर्ड अपडेट में हुई गलती माना जा रहा है; जानबूझकर की गई गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि बीएलओ के अनुसार वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी इसी तरह की एक गलती सामने आई थी, जब एक मतदाता की तस्वीर की जगह अलमारी की फोटो दर्ज हो गई थी। बाद में उसे सुधार दिया गया था।
फिलहाल कोटा के वार्ड नंबर 29 की यह मतदाता सूची चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल यही है कि मतदाता सूची में नाम जगदीश का है, लेकिन फोटो बालाजी महाराज की—तो आखिर यह तस्वीर आई कहां से? मामले की जांच और संबंधित मतदाता के सत्यापन के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी।
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