@शब्द दूत ब्यूरो (10 अगस्त 2026)
हरिद्वार। उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के बीच सड़क हादसों ने चार शिवभक्तों की जान ले ली। हरिद्वार-मंगलौर बाईपास से लेकर नारसन और लिब्बरहेड़ी तक अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में चार कांवड़ियों की मौत हुई है। घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रविवार देर शाम हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर रिमझिम ढाबे के पास बुलेट और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार शामली निवासी दो कांवड़िए संदीप मलिक (35) और विपिन (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल रुड़की ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी क्षेत्र में बाद में कार और स्कूटी की भी टक्कर हुई, जिसमें स्कूटी सवार घायल हो गया।
वहीं नारसन शिव मंदिर के पास एक अन्य कांवड़िया अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सिविल अस्पताल रुड़की में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष बताई गई है। उसके बैग से 6,110 रुपये और मोबाइल फोन बरामद हुआ, लेकिन फोन बंद होने के कारण उसकी पहचान तत्काल नहीं हो सकी।
इसके अलावा लिब्बरहेड़ी में भी अज्ञात वाहन की टक्कर से 45 वर्षीय कांवड़िए की मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बड़ौत निवासी मांगा के रूप में हुई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
हरिद्वार-मंगलौर बाईपास हादसे में मारे गए दोनों कांवड़ियों के परिजनों को पुलिस ने घटना की सूचना दे दी है। कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार बढ़ रहे यातायात और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच इन हादसों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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