Breaking News

ईरान-इस्राइल युद्ध से भारत में बढ़ेगी महंगाई? विशेषज्ञों ने जताई गहरी चिंता

@शब्द दूत ब्यूरो (22 जून 2025)

नई दिल्ली। ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में भारी हलचल मचा दी है। इस संघर्ष का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से हो रही वृद्धि ने महंगाई बढ़ने की आशंका को गहरा कर दिया है। आर्थिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है।

जानकारों के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें अस्थिर हो गई हैं। यदि युद्ध लंबा खिंचता है या तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो पेट्रोल-डीजल से लेकर परिवहन, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुएं तक महंगी हो सकती हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर और आर्थिक विश्लेषक डॉ. रघुराम राजन के अनुसार, “अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाती हैं, तो भारत जैसे देश के लिए यह सीधा वित्तीय दबाव बन जाएगा। इससे महंगाई दर पर नियंत्रण कठिन हो सकता है।”

दूसरी ओर, खुदरा व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी चेतावनी दी है कि डीजल महंगा होने पर मालभाड़ा बढ़ेगा, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। कृषि क्षेत्र में भी डीजल पर निर्भरता होने से खाद्य वस्तुओं के दामों में उछाल आने की आशंका है।

रोजमर्रा की जरूरतों से जूझ रहे आम लोगों के लिए यह स्थिति और भी संकटपूर्ण बन सकती है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए खाद्य वस्तुओं, गैस सिलेंडर, परिवहन और बिजली की दरों में वृद्धि सीधे घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है।

सरकार ने फिलहाल स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। पेट्रोलियम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार कुछ राहत उपायों पर विचार कर सकती है, लेकिन युद्ध यदि लंबा चला, तो इसके आर्थिक परिणाम टालना कठिन होगा।

अंतरराष्ट्रीय संकट का भारत पर संभावित असर फिर यह दर्शाता है कि वैश्विक शांति और स्थायित्व केवल कूटनीतिक नहीं, आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि आयात पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में दीर्घकालिक योजनाएं और तेज की जाएं।

 

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

हरिद्वार में फिर चला धामी सरकार का बुलडोजर, एक और अवैध मजार ध्वस्त अब तक 590 अवैध मजारें हटाई गईं

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (09 जून 2026) हरिद्वार। उत्तराखंड में सरकारी भूमि …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-