
@शब्द दूत ब्यूरो (12 जून 2026)
काशीपुर। महापौर दीपक बाली की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का 614 करोड़ 52 लाख 26 हजार 484 रुपये का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बजट के सापेक्ष 570 करोड़ 91 लाख 85 हजार रुपये के वार्षिक व्यय के बाद लगभग 20 करोड़ 30 लाख रुपये की बचत का प्रावधान रखा गया है। बैठक में कुल 32 प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई।
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह बोर्ड अपने कार्यकाल का सबसे ऐतिहासिक वर्ष साबित होगा और शहर में रिकॉर्ड विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता आने वाले समय में नगर के व्यापक विकास को प्रत्यक्ष रूप से देखेगी।
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए निर्णय लिया गया कि किसी भी खुशी के अवसर पर किन्नर समुदाय अधिकतम 5100 रुपये ही ले सकेगा। यदि इससे अधिक धनराशि की मांग की जाती है अथवा राशि न मिलने पर दुर्व्यवहार किया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में नगर आयुक्त की ओर से आदेश जारी किए जाने की बात भी कही गई।
बोर्ड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्टेडियम तिराहे का नामकरण श्री ननकाना साहिब चौक किए जाने तथा उसके सौंदर्यीकरण के शिलान्यास पर आभार प्रस्ताव भी पारित किया। महापौर ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के इस निर्णय का प्रदेशभर की सिख संगत स्वागत कर रही है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर के सभी आरोग्य मंदिरों में कुत्ता काटने पर निशुल्क रेबीज इंजेक्शन लगाए जाएंगे। वहीं शहर के सौंदर्यीकरण के तहत ढेला नदी के किनारे साइक्लिंग ट्रैक, घूमने-फिरने की सुविधाएं तथा वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। वेंडिंग जोन के निर्माण का कार्य जुलाई से शुरू होने की संभावना जताई गई।
नगर निगम को सीएसआर फंड के माध्यम से विकास कार्यों में सहयोग देने पर इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, नैनी पेपर मिल के स्वामी पवन अग्रवाल तथा पशुपति लैमिनेटर्स के केएमडी बांके गोयंका का बोर्ड ने आभार व्यक्त किया। बताया गया कि आगामी वर्ष में उद्योगों से सीएसआर मद में नगर निगम को तीन से चार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलने की उम्मीद है।
बैठक में भारत सरकार की यूसीएफ योजना के तहत 228 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अवलोकन एवं अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 17 वार्डों में 120 करोड़ 44 लाख रुपये के अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न वार्डों में 23 करोड़ 44 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित करने और पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत नए वेंडिंग जोन विकसित करने के लिए 11 करोड़ 15 लाख रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। नगर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम की 3 करोड़ 80 लाख रुपये की कार्ययोजना को पुनः शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।
अल्ली खां चौक पर 135 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 26 करोड़ 21 लाख रुपये की परियोजना को भी अनुमोदन मिला। ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए प्राप्त न्यूनतम निविदा को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत निजी कंपनी निवेश करेगी और नगर निगम को अपनी आय का 25 प्रतिशत हिस्सा देगी।
नगर निगम सीमा के विभिन्न स्थानों पर 15 वर्षों के लिए स्वागत द्वार और पांच वर्षों के लिए एलईडी स्क्रीन लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके बदले संबंधित कंपनी नगर निगम को प्रतिवर्ष दो लाख रुपये देगी।
बैठक में नगर निगम के किरायेदार आवंटियों को बढ़े हुए किराए के अवशेष में राहत देने, रानी लक्ष्मीबाई फूड जोन विकसित करने तथा ढेला नदी के समीप प्रस्तावित पेट्रोल पंप की जगह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
पार्षद अब्दुल कादिर ने सिंचाई विभाग की माइनरों के किनारे सड़क निर्माण की मांग उठाई, जबकि पार्षद मयंक मेहता ने खाली पड़े प्लॉटों पर फैल रही गंदगी और झाड़ियों का मुद्दा उठाया। महापौर ने ऐसे भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट, सहायक नगर आयुक्त शालिनी बिष्ट, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी सहित नगर निगम के विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी एवं लगभग सभी पार्षद उपस्थित रहे।
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