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लिंक एक्सप्रेस व स्लिप कोच के संचालन की संख्या सीमित करने का फैसला

@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (16 सितंबर, 2021)

ट्रेनों की लेट लतीफी दूर करने के लिए रेलवे द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लिंक एक्सप्रेस व स्लिप कोच के संचालन की संख्या सीमित की जाएगी। इससे किसी ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने या फिर कोच को कम करने की जरूरत नहीं रहेगी। इससे समय की बचत होगी और ट्रेन को समय पर चलाने में मदद मिलेगी। उत्तर रेलवे भी आठ जोड़ी ट्रेनों में यह सुविधा समाप्त करने का फैसला किया है।

अधिकारियों का कहना है कि लिंक एक्सप्रेस व स्लिप कोच सेवा में किसी स्टेशन पर दो ट्रेनों या कुछ कोच को जोड़ने और उसे अलग करने में काफी समय लगता है। वहीं, एक रूट की ट्रेन के लेट होने पर दूसरी ट्रेन को भी रोककर रखना पड़ता है जिससे कि दोनों को जोड़ा जा सके। इस प्रक्रिया में काफी समय की बर्बादी होती है और ट्रेन को समय पर चलाने में परेशानी होती है।

दिल्ली-देहरादून मसूरी एक्सप्रेस में इस समय तीन स्लीपर कोच हरिद्वार तक के लगाए जाते हैं। इन्हें हरिद्वार में अलग करके शेष ट्रेन को देहरादून की ओर रवाना किया जाता है। नया टाइम टेबल आने के बाद कोच अलग नहीं किए जाएंगे। पूरी ट्रेन देहरादून जाएगी।

इसी तरह से कालका-श्रीगंगानगर, हरिद्वार-ऊना हिमाचल जनशताब्दी एक्सप्रेस, वाराणसी-देहरादून एक्सप्रेस, कोच्चुवेली-देहरादून एक्सप्रेस, ओखा-देहरादून एक्सप्रेस, मदुरई-देहरादून एक्सप्रेस और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस में भी लिंक एक्सप्रेस व स्लिप कोच की सेवा बंद हो जाएगी।

लिंक एक्सप्रेस में अलग-अलग स्थानों से आने वाली दो ट्रेनें किसी स्टेशन पर आपस में जुड़ जाती हैं। उसके बाद दोनों एक ट्रेन बनकर गंतव्य की ओर रवाना होती है।

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