Breaking News

काशीपुर :शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी, बेटियों को समय दें माता-पिता, मुझे गर्व है मोदी के नेतृत्व वाले भारत की महिला हूँ : उर्वशी दत्त बाली

@शब्द दूत ब्यूरो (30 जुलाई 2026)

काशीपुर। काशीपुर की प्रथम महिला एवं समाजसेविका उर्वशी दत्त बाली ने कहा है कि बेटियों की शिक्षा जितनी आवश्यक है, उतना ही जरूरी उन्हें संस्कार, अनुशासन और जीवन के सही मूल्यों से भी जोड़ना है। उनका कहना है कि केवल डिग्री हासिल करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में मर्यादा, सम्मान, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता जैसे गुणों का विकास भी समान रूप से आवश्यक है।

हाल ही में सामने आए एक विवाद का उल्लेख करते हुए उर्वशी दत्त बाली ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने समाज के सामने एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि क्या आज कुछ माता-पिता अपनी बेटियों को केवल पढ़ा रहे हैं, या उन्हें सही दिशा देने, संवाद करने और संस्कार प्रदान करने के लिए भी पर्याप्त समय दे रहे हैं? उनका मानना है कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसके साथ संयम, शिष्टाचार और सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हो।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का पूरा अधिकार है, लेकिन असहमति व्यक्त करने की भाषा और तरीका भी व्यक्ति के संस्कारों का परिचय देता है। किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए।

उर्वशी दत्त बाली ने कहा कि भारत की बेटियों के सामने प्रेरणा के लिए अनेक सशक्त उदाहरण मौजूद हैं। उन्होंने पी.टी. उषा, मैरी कॉम, पी.वी. सिंधु, साइना नेहवाल, मिताली राज, किरण बेदी, गुंजन सक्सेना, कल्पना चावला, टेसी थॉमस और डॉ. इंदिरा हिंदुजा जैसी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में देश का गौरव बढ़ाया है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

उन्होंने माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को इन महान महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों की कहानियां सुनाएं। उन्हें केवल सफल बनने की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, संस्कारी, जिम्मेदार और मजबूत व्यक्तित्व वाली महिला बनने की प्रेरणा दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ नियमित संवाद, उन्हें सही-गलत का अंतर समझाना और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उर्वशी दत्त बाली ने कहा, “मैं गर्व महसूस करती हूं कि मैं श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाले भारत की महिला हूं। मुझे इस बात का भी गर्व है कि मैं ऐसे दौर में जी रही हूं, जब भारत विश्व मंच पर अपनी नई पहचान बना रहा है। आज देश की बेटियां सेना, विज्ञान, खेल, पुलिस, चिकित्सा और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।”

उन्होंने कहा कि मजबूत महिला वह नहीं होती जो किसी को अपमानित करके अपनी ताकत साबित करे, बल्कि वह होती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने व्यवहार, भाषा और मर्यादा को बनाए रखे। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, अधिकारों के साथ जिम्मेदारी तथा आत्मविश्वास के साथ विनम्रता का पाठ पढ़ाना ही एक सशक्त और संस्कारी भारत की मजबूत नींव रखेगा।

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

बड़ी खबर :पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर मचा विवाद, Meta ने बताया ‘तकनीकी गलती’, आईटी मंत्रालय ने तलब किया कंपनी के अधिकारी को

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (28 जुलाई 2026) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-