@शब्द दूत ब्यूरो (19 सितंबर 2026)
काशीपुर। कुंडेश्वरी रोड स्थित एक रिसार्ट में आयोजित सीएम युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौजूद युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और खुद पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी मोटिवेशनल वक्ता के रूप में युवाओं से संवाद करते नजर आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि युवाओं के बीच आकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने युवाओं की सहजता और बिना लाग-लपेट के अपनी बात रखने की शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा ज्ञानवान और जागरूक हैं तथा विभिन्न विषयों पर गहरी समझ रखते हैं।
धामी ने कहा कि पुराने बुजुर्गों के पास जीवन और परंपराओं से जुड़ा बहुत ज्ञान रहा है। इस ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में युवाओं के सुझाव पर नॉलेज बैंक बनाने की पहल की जाएगी, जिसमें बुजुर्गों के अनुभव और पारंपरिक ज्ञान को संजोया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। युवाओं के पास नई सोच, नया विजन और आउट ऑफ द बॉक्स सोचने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ प्रतियोगिता में युवाओं की ओर से दिए गए सुझावों से उन्हें यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि उत्तराखंड का भविष्य सुरक्षित और सशक्त हाथों में है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने छोटे नहीं हैं। युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी स्थान या परिवार की मोहताज नहीं होती। कठिन परिस्थितियों में पैदा हुआ व्यक्ति भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे न छूटे। इसी उद्देश्य से वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, नंदा गौरा योजना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ी विभिन्न पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय तकनीक और विज्ञान से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
धामी ने कहा कि भैरव में देश की पांचवीं सबसे बड़ी साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को इनोवेशन, विज्ञान और प्रैक्टिकल लर्निंग के अवसर मिलेंगे। उन्होंने ‘लैब ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों तक विज्ञान एवं प्रयोग आधारित शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने का है। इसके लिए स्टार्टअप, इनोवेशन और आधुनिक तथा डिमांड आधारित स्किल्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बेहतर अवसरों के लिए युवाओं को अपना घर, शहर और गांव छोड़कर बाहर न जाना पड़े। इसके लिए उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने खेलों के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। धामी ने कहा कि नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं और युवाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि सरकार अवसर, सुविधाएं और प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलने की जिम्मेदारी युवाओं की है। उन्होंने युवाओं से खूब पढ़ने, मेहनत करने और सबसे बढ़कर खुद पर विश्वास रखने का आह्वान किया।
उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर उन्होंने देश के महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सीखने की इच्छा और मेहनत का जज्बा हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है।
धामी ने दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्ति का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि सपनों को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत संकल्प और ईमानदार मेहनत के सामने कोई भी मंजिल असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है और अब तक हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं की मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए और उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार के सपनों और भविष्य को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी नशे से दूर रखने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा देवभूमि की विकास यात्रा के वास्तविक कर्णधार हैं। उनकी सोच, मेहनत और प्रतिभा उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को अवसर देने तथा उनके रास्ते को आसान बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा,मेयर दीपक बाली, दायित्वधारी उत्तम दत्ता, फ़रजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, एसएसपी अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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