
@शब्द दूत ब्यूरो (20 जुलाई 2026)
उधम सिंह नगर (खटीमा)। उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में ईसाई धर्म अपना चुके लोगों के हिंदू धर्म में लौटने का सिलसिला जारी है। रविवार को ग्राम पंचायत नौगवांनाथ में थारू जनजाति के आठ परिवारों के 47 सदस्यों ने वैदिक रीति-रिवाजों और हवन-यज्ञ के साथ स्वेच्छा से हिंदू धर्म में पुनः आस्था व्यक्त की। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में हिंदू धर्म में लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 153 हो गई है।
ग्राम प्रधान माया चंद ने बताया कि यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत नौगवांनाथ और भाजपा ग्रामीण मंडल चकरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने स्वेच्छा से वैदिक परंपरा के अनुसार हिंदू धर्म अपनाया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले कुटरी क्षेत्र में भी थारू जनजाति के 70 परिवारों ने सावन माह की शुरुआत के अवसर पर हवन-यज्ञ कर हिंदू धर्म में वापसी की थी। उस कार्यक्रम का नेतृत्व ग्राम प्रधान दीपा देवी ने किया था, जबकि पंडित हरीश जोशी और साधु मोहन गिरी ने वैदिक विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया था।
ग्राम प्रधान का दावा है कि इन जनजातीय परिवारों को पूर्व में बहला-फुसलाकर और विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था। उनका कहना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और प्रशासन की कार्रवाई के बाद लोगों ने पुनः अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
धर्मांतरण कानून और प्रशासनिक कार्रवाई
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया है। सरकार के अनुसार अवैध धर्मांतरण के मामलों में कठोर दंड और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम में उधम सिंह नगर प्रशासन ने कथित अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं। साथ ही थारू, राणा और बुक्सा जनजाति से जुड़े धर्म परिवर्तन के मामलों में जनजाति प्रमाणपत्रों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई भी तेज की गई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इन प्रशासनिक और कानूनी कदमों के बाद जनजातीय समाज के कई परिवार पुनः सनातन परंपरा में लौट रहे हैं।
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