@शब्द दूत ब्यूरो (06 अगस्त 2025)
उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बीच प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। घटना के तुरंत बाद अपने आध्र प्रदेश दौरे को छोड़कर लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए राहत कार्यों को युद्धस्तर पर गति देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू एवं मेडिकल कैंप्स की स्थापना कर दी गई है और भोजन व आवश्यक सामग्री की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी तैयार स्थिति में रखे गए हैं ताकि आपात स्थिति में शीघ्रतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और ITBP की टीमों ने तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। अब तक 211 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है, जिनमें 125 पुरुष, 83 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। वहीं धराली क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से 10 लोगों के लापता होने की सूचना है और आकाशवाणी पंडर गांव में 32 वर्षीय महादेव सिंह पंवार का शव बरामद हुआ है।
बचाव कार्य में लगे दलों ने झलंग हेलिपैड से आवश्यक सामग्री और टीमों को घटनास्थल तक पहुंचाया है। कई स्थानों पर पेयजल और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे दुरुस्त करने का काम जारी है। नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही रोकी गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख अस्पतालों में आपदा पीड़ितों के इलाज के लिए ICU सहित सामान्य बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, दून मेडिकल कॉलेज में 150 जनरल और 50 ICU बेड, कोरोनेशन अस्पताल में 80 जनरल व 20 ICU बेड तथा एम्स ऋषिकेश में 50 जनरल व 20 ICU बेड की व्यवस्था की गई है। साथ ही डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
आपदा से प्रभावित लोगों की मानसिक स्थिति को देखते हुए विशेष पहल करते हुए तीन मनोचिकित्सकों की टीम धराली भेजी गई है, जो राहत शिविरों में पीड़ितों की काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करेगी।
प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। 108 एम्बुलेंस सेवाएं भी हाई अलर्ट पर रखी गई हैं। स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न रहना पड़े।
सरकार की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई से आपदा प्रभावितों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक तक सहायता पहुँचाने हेतु पूरी तरह कटिबद्ध है।
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