@शब्द दूत ब्यूरो (14 मई 2026)
हरिद्वार। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए हरिद्वार पुलिस ने हलाला प्रथा से जुड़े मामले में देश की पहली FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई राज्य में लागू UCC कानून के तहत की गई है, जिसे महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों की रक्षा और कुप्रथाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
मामला हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला शाहिन की शिकायत पर उसके पति मोहम्मद दानिश और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पति पर महिला को प्रताड़ित करने और उसके वैवाहिक अधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 (संशोधन 2026) की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के तहत कार्रवाई की है, जिनमें हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।
इसके अलावा आरोपियों पर अन्य सख्त कानूनों के तहत भी केस दर्ज किया गया है, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2) और धारा 85, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा 3 और 4, तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 शामिल हैं।
एसएसपी नवनीत भुल्लर के अनुसार, बुग्गावाला पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद उपनिरीक्षक मनोज कुमार द्वारा आरोप पत्र तैयार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की की अदालत में प्रस्तुत कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद दानिश के अलावा उसके पिता मोहम्मद अरशद, परवेज, जावेद और गुलशाना को भी नामजद किया गया है।
यह मामला न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में UCC के तहत कानूनी कार्रवाई का पहला उदाहरण माना जा रहा है, जो महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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