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उत्तराखंड :तो क्या 2022 के चुनावों की राजनीतिक तस्वीर है या कांग्रेस के बागियों की वापसी का संकेत है? चर्चा जोरों पर

@शब्द दूत ब्यूरो

देहरादून। कभी अपनी सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री हरीश रावत का तख्ता पलट करने के इरादे से बीजेपी में शामिल हुए कुछ नेता इन दिनों फिर से रावत के करीब दिख रहे हैं। इन नेताओं की कुछ ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं, जिनसे इन नेताओं की हरीश रावत के करीबी होने की चर्चा गर्म है। खासकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में त्रिवेंद्र सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की एक फोटो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है, जिसमें यशपाल आर्य पूर्व सीएम हरीश रावत एक साथ नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि तस्वीर ऊधम सिंह नगर के किच्छा में एक कार्यक्रम के दौरान की है, जहां दोनों नेताओं की मुलाकात हो गई। वायरल तस्वीर में हरीश रावत और यशपाल आर्य कुछ हल्के मूड में बातचीत करते दिख रहे हैं। यही नहीं कांग्रेस महासचिव हरीश रावत अपना साथ छोड़ चुके यशपाल आर्य की बांह पकड़े भी नजर आ रहे हैं।

जबकि दोनों नेताओं के पास खड़े कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव प्रकाश जोशी भी इस मुलाकात पर हंस रहे हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर की हैं। जिस पर तरह-तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे 2022 की राजनीतिक तस्वीर कह रहे हैं। हालांकि दोनों नेता इसे एक सामान्य और इत्तेफाक से हुई मुलाकात करार दे रहे हैं।

मौका था किच्छा में राजस्थान सरकार के वर्तमान में मंत्री और कांग्रेस नेता राजेंद्र यादव के स्व. पिता रामजीलाल यादव की मूर्ति का उनके पैतृक गांव में अनावरण का, जिसमें कांग्रेस के आला नेताओं के आलावा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य भी पहुंचे थे। यहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सीएम हरीश रावत और बीजेपी सरकार में मंत्री यशपाल आर्य के बीच मुलाकात हुई।

कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव बागियों की कांग्रेस में वापसी पर अपनी राय साफ कर चुके हैं। देवेंद्र यादव के मुताबिक अगर बागी, दागी नहीं हैं तो उनकी वापसी में कोई दिक्कत नहीं है। ऐसे में अगर 2022 के चुनावों से पहले कांग्रेस के कुछ पूर्व नेता दोबारा से पार्टी का दामन थामें तो इसमें कोई हैरानी नहीं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को ही करना है।

गैरतलब है कि साल 2017 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं की दोबारा घर वापसी को लेकर आए दिन राजनीतिक बयानबाजी होती रहती है, लेकिन ये नेता अपने पुराने कांग्रेस वाले घर में वापसी करेंगे या नहीं इसका संकेत किसी नेता ने अभी तक नहीं दिया है। लेकिन एक खास बात ये है कि जब से इन नेताओं ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा है इन्हें बागी का तमगा मिल गया है। यानी इनकी पहचान राज्य की राजनीति में बागी नेताओं की हो गई है। इन नेताओं में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ और रेखा आर्य जैसे नेता शामिल हैं।

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