नैनीडांडा। जून महीने की चिलचिलाती धूप, ऊबड़खाबड़ रास्ते और दस-दस किलोमीटर का उतार-चढ़ाव। कुछ रास्ता मोटरसाइकिल से तो बाकी कन्धों पर राहत सामग्री लादे पैदल ही तय किया जा रहा है। लेकिन फिर भी कदम रुकने का नाम नहीं ले रहे। ये जज्बा है वासुकी फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं का, जो कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंदों की मदद को रात-दिन तत्पर हैं।
दरअसल, वासुकी फाउंडेशन ने कोरोना महामारी के दौरान असहाय और जरूरतमंद परिवारों की मदद को हाथ बढ़ाए हैं। सूचना मिलने पर फाउंडेशन के कार्यकर्ता फौरन रसद और अन्य सामग्री लेकर गांव-गांव तक पहुंच रहे हैं।

वासुकी फाउंडेशन के अध्यक्ष पीएन शर्मा ने बताया कि कोरोना के दौरान लोगों का इधर-उधर जाना लगभग बंद हो गया। बाजार भी बंद से ही हैं। ऐसे समय असहाय और बेसहारा जरूरतमंद परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट उत्पन्न हो गया है। फाउंडेशन ऐसे ही परिवारों को सूखा राशन इत्यादि वितरित करने की मुहिम में जुटा है।
पीएन शर्मा ने बताया कि कुछ परिवारों के साथ मानसिक रोगी और दिव्यांगजन भी हैं। ऐसे में परिवारजनों के सामने संकट है कि परिजनों की देखरेख करे या दो वक्त की रोटी का इंतजाम। फाउंडेशन के कार्यकर्ता ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा फाउंडेशन के कार्यकर्ता गांवों में ग्रामीणों को सोशल डिस्टेसिंग का महत्व तो समझा ही रहे हैं, साथ ही मास्क और सैनिटाइजर इत्यादि का भी वितरण कर रहे हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष पीएन शर्मा ने समाज के सक्षम वर्ग से अपील की है कि वे इस कार्य में अपना सहयोग और अंशदान करें।
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