@शब्द दूत ब्यूरो (20 सितंबर 2026)
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते रोज काशीपुर में सीएम युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने सेना में अग्निवीर भर्ती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार और मुख्यमंत्री की सफलता से जुड़े सवाल पूछे।
संवाद के दौरान काशीपुर की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पिछले चार वर्षों में दी गई सरकारी नौकरियों को लेकर सवाल किया। छात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चार वर्षों में 35 हजार से अधिक नौकरियां दी हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसकी रफ्तार थोड़ी कम की जा सकती है, ताकि जब उनकी पीढ़ी बड़ी हो तो उन्हें भी सरकारी नौकरी का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री धामी ने छात्रा के सवाल को लेकर कहा कि नौकरियों की रफ्तार कम करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों की पीढ़ी रोजगार के लिए तैयार होगी, तब उनके लिए इससे भी अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई और मेहनत पर ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियों के अलावा युवाओं के लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में भी अनेक अवसर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की सलाह दी।
एक विद्यार्थी ने सेना में जाने और अग्निवीर योजना को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। इस पर धामी ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में सेवा करने के साथ-साथ प्रशिक्षण और विभिन्न प्रकार की नई स्किल्स सीखने का अवसर देती है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के लिए डेडिकेटेड सेल बनाया है। सेवा पूरी करने के बाद वापस आने वाले अग्निवीरों के रोजगार और भविष्य को लेकर यह सेल सहयोग करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भी बीएसएफ, सीआरपीएफ और एसएसबी सहित विभिन्न संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार भी अग्निवीरों को सरकारी नौकरी सहित अन्य रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
एआई को बताया चुनौती के साथ अवसर
कार्यक्रम में एक विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती तकनीक के दौर में विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई और तकनीकी बदलाव चुनौती के साथ-साथ अवसर भी हैं। युवाओं को भविष्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा और नई तकनीकों को सीखना होगा।
धामी ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में रोज नए शोध और आविष्कार हो रहे हैं। उत्तराखंड में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई गई है और प्रत्येक जिले में विज्ञान केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। देहरादून में साइंस सिटी बनाने की योजना का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को तकनीक से दूर रहने के बजाय उसे सीखना चाहिए। स्कूलों में स्मार्ट क्लास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साई पब्लिक स्कूल की छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि वे एक साधारण परिवार से आते हैं और आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं। उनकी सफलता का राज क्या है?
जवाब में धामी ने कहा कि जीवन में किसी भी काम को ईमानदारी और मेहनत से करना चाहिए। उन्होंने अपने माता-पिता के आशीर्वाद और मार्गदर्शन तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें अनुशासन और समय पर काम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह सोचकर काम नहीं किया कि उन्हें कुछ बनना है, बल्कि हमेशा यह सोचकर काम किया कि उन्हें कुछ करना है। लगातार प्रयास करते रहने से व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें मेहनत, अनुशासन और नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित किया।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal