@शब्द दूत ब्यूरो (27 अगस्त 2026)
काशीपुर। नगर निगम क्षेत्र में वेंडिंग जोन बनाए जाने को लेकर एक ओर जहां विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर नगर निगम मेयर दीपक बाली के इस फैसले के समर्थन में भी लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। वेंडिंग जोन को लेकर शहर में चल रही बहस अब केवल विरोध और समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोग इसके संभावित फायदे और शहर की मौजूदा व्यवस्थाओं पर भी अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। मुख्य विपक्ष कांग्रेस इस पर खुलकर विरोध पर उतर आई है। कांग्रेस प्रदेश सचिव संदीप सहगल ने पिछले दिनों पत्रकारों से बातचीत में वेंडिंग जोन बनाने को पूरी तरह से अव्यवहारिक करार दिया तो कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने वेडिंग जोन बनाने को उचित बताया लेकिन उन्होंने सड़क पर फुटपाथ का उपयोग वेंडर जोन बनाने को गलत बताया है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि वेंडिंग जोन का विरोध करने के पीछे सभी लोगों की चिंता शहरहित से जुड़ी हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ प्रतिक्रियाओं में दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों के व्यक्तिगत स्वार्थ भी इस विरोध के पीछे हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने कथित अवैध पार्किंग, सरकारी जमीन पर सीवर टैंक और समर्सिबल लगाए जाने जैसी बातों का भी उल्लेख किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं वेंडिंग जोन के समर्थन में प्रतिक्रिया देने वाले लोगों का तर्क है कि यदि फुटपाथ और सड़कों के किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे व्यवस्थित स्थानों पर पहुंचते हैं तो इससे शहर की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण का दबाव कम हो सकता है। लोगों का मानना है कि व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से यातायात व्यवस्था में सुधार और जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
सोशल मीडिया पर एक वर्ग का यह भी कहना है कि वेंडिंग जोन शहर के अलग-अलग हिस्सों में बनाए जाते हैं तो लोगों को अपने घर के आसपास ही फल, सब्जियां और खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। इससे रोजमर्रा की खरीदारी के लिए लोगों को मुख्य बाजारों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है और बाजारों पर भीड़ का दबाव घट सकता है।
कुछ लोगों ने महिला सुविधा के दृष्टिकोण से भी इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर व्यवस्थित तरीके से फल, सब्जी और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध होंगे तो महिलाओं को छोटी-छोटी खरीदारी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। समर्थकों का मानना है कि इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों को भी एक व्यवस्थित स्थान मिल सकता है।
वेंडिंग जोन के समर्थन में सामने आ रही प्रतिक्रियाओं में नगर निगम बोर्ड की एकजुटता का भी उल्लेख किया जा रहा है। समर्थक इसे गरीब और छोटे कारोबारियों के हित से जोड़ते हुए कह रहे हैं कि सड़क किनारे या फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों को भी सम्मानजनक और व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय करने का अधिकार मिलना चाहिए।
सोशल मीडिया पर एक प्रतिक्रिया में कहा गया कि “पूरा बोर्ड एक साथ है” और यह ऐसा बोर्ड है जो गरीबों की चिंता करता है। समर्थकों का कहना है कि वेंडिंग जोन का उद्देश्य केवल सड़क से ठेले हटाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे लोगों के परिवारों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।
मेयर दीपक बाली के फैसले के समर्थन में लोगों का एक वर्ग यह भी तर्क दे रहा है कि शहर के विकास के साथ-साथ फुटपाथ विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों के हितों का संतुलन जरूरी है। यदि वेंडिंग जोन में पर्याप्त जगह, मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश और ग्राहकों की पहुंच सुनिश्चित की जाती है तो यह व्यवस्था शहर और वेंडरों दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
हालांकि, वेंडिंग जोन को लेकर उठ रहे विरोध के कारण नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि प्रभावित लोगों की आपत्तियों और छोटे व्यापारियों की आजीविका के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि नए वेंडिंग जोन वास्तव में कितने सुविधाजनक हैं और वहां कारोबार करने वाले लोगों तथा आम जनता को किस तरह की सुविधाएं मिलती हैं।
फिलहाल काशीपुर में वेंडिंग जोन का मुद्दा शहर की चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। एक तरफ विरोध करने वाले लोग अपनी आपत्तियां सामने रख रहे हैं, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर समर्थक इसे यातायात व्यवस्था सुधारने, मुख्य सड़कों से अतिक्रमण कम करने, शहर में भीड़ का दबाव घटाने और गरीब व छोटे कारोबारियों को सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बता रहे हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम इस योजना को किस तरह लागू करता है और विरोध तथा समर्थन के बीच सभी पक्षों को साथ लेकर किस प्रकार की व्यवस्था तैयार की जाती है। हालांकि मेयर दीपक बाली की इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal