प्याज संकट दूर करने को सरकार तैयार :देश के 16 शहरों में पहुंचेगा 88 हजार मीट्रिक टन प्याज, नासिक से दिल्ली के लिए चली पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’
August 27, 2026193 Views
@शब्द दूत ब्यूरो (27 अगस्त 2026)
नई दिल्ली। प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने और देश के प्रमुख उपभोग केंद्रों में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति तेज कर दी है। चालू वित्त वर्ष में नासिक से नई दिल्ली के लिए प्याज की खेप रेल मार्ग से भेजने की शुरुआत हो गई है। नासिक से पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ रवाना हो चुकी है, जिसके दिल्ली-एनसीआर पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही देश के अन्य प्रमुख शहरों में सड़क मार्ग से भी प्याज की आपूर्ति की जा रही है।
सरकार के अनुसार देशभर के 16 शहरों में कुल 88,000 मीट्रिक टन प्याज पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए रेल और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल अपनाया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार की मौजूदा मांग के अनुसार बफर स्टॉक के प्याज को तेजी से उन उपभोग केंद्रों तक पहुंचाना है, जहां इसकी आवश्यकता है।
नासिक से दिल्ली के अलावा चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख उपभोग केंद्रों तक भी सड़क मार्ग से प्याज भेजा जा रहा है। सरकार का मानना है कि परिवहन के दोनों माध्यमों के इस्तेमाल से अलग-अलग बाजारों की जरूरत के अनुसार प्याज की आपूर्ति समय पर की जा सकेगी।
प्याज का निर्यात भी मजबूत बना हुआ है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत से लगभग 3.82 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात हुआ। मलेशिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल भारत के प्रमुख प्याज निर्यात बाजारों में शामिल रहे। सरकार के अनुसार निर्यात जारी रहने के बावजूद घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है।
उपभोक्ताओं को कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी से राहत देने के लिए उपभोक्ता मामलों का विभाग प्याज समेत 41 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की रोजाना निगरानी कर रहा है। यह निगरानी देशभर के 579 केंद्रों पर की जा रही है। बाजार में कीमतों के रुझान, प्याज की आवक और मांग की स्थिति के आधार पर बफर स्टॉक जारी करने की मात्रा और उसके गंतव्य तय किए जाते हैं।
सरकार राज्यों में प्याज की कीमतों, आवक और उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है। बाजार में जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज जारी किया जाएगा। सरकार के मुताबिक आपूर्ति बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले माध्यम और प्याज की मात्रा बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी, ताकि पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को रोका जा सके।
इस बीच अन्य प्रमुख आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी फिलहाल स्थिर और सीमित दायरे में बनी हुई हैं। 26 अगस्त 2026 को देशभर के औसत खुदरा मूल्यों के अनुसार प्याज की कीमत ₹37.87 प्रति किलोग्राम रही। टमाटर, आलू और चना दाल की कीमतें पिछले वर्ष की तुलना में कम बताई गई हैं।
26 अगस्त 2026 को प्रमुख आवश्यक वस्तुओं के औसत खुदरा मूल्य
वस्तु
अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य
इकाई
टमाटर
₹38.33
प्रति किलोग्राम
आलू
₹22.63
प्रति किलोग्राम
चना दाल
₹86.71
प्रति किलोग्राम
आटा
₹40.48
प्रति किलोग्राम
तूर दाल
₹123.30
प्रति किलोग्राम
दूध
₹60.82
प्रति लीटर
प्याज
₹37.87
प्रति किलोग्राम
किस-किस शहर में पहुंचाया जा रहा है प्याज?
क्रम
प्रमुख उपभोग केंद्र
परिवहन
1
नई दिल्ली/दिल्ली-एनसीआर
रेल – कांदा एक्सप्रेस
2
चेन्नई
सड़क
3
कोलकाता
सड़क
4
एर्नाकुलम
सड़क
5
गुवाहाटी
सड़क
6
वाराणसी
सड़क
7
लखनऊ
सड़क
8
पटना
सड़क
9
चंडीगढ़
सड़क
10
जम्मू
सड़क
11
अमृतसर
सड़क
सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करना भी कीमत स्थिरीकरण नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्याज की कीमतों और उपलब्धता की स्थिति की लगातार निगरानी जारी रहेगी तथा बाजार की जरूरत के अनुसार बफर स्टॉक से आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।