@शब्द दूत ब्यूरो (30 जुलाई 2026)
सितारगंज। ऊधम सिंह नगर के सितारगंज तहसील में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद गुरुवार को और गहरा गया। तहसील कर्मचारियों के विरोध के चलते विजिलेंस टीम पूरी रात तहसील परिसर में ही फंसी रही। देर रात तक विजिलेंस अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले विजिलेंस ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और एक संग्रह अमीन को ट्रैप कर गिरफ्तार किया था। विजिलेंस का आरोप है कि भूमि संबंधी कार्य और रिकवरी प्रक्रिया से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग की गई थी।
वहीं राजस्व कर्मचारी संगठनों का दावा है कि जिस धनराशि को रिश्वत बताया जा रहा है, वह सरकारी राजस्व वसूली की वैधानिक राशि थी। उनका कहना है कि बिना पूरे तथ्यों की जांच किए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई, जिससे विभागीय कर्मचारियों में भारी रोष है।
घटना के बाद राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद, लेखपाल संघ, संग्रह अमीन संघ और अन्य कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारी संगठनों के आंदोलन के चलते प्रदेशभर में तहसीलों के कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यदि कार्यबहिष्कार जारी रहता है तो नामांतरण, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र, भू-अभिलेख संबंधी कार्यों के साथ-साथ राजस्व वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
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