@शब्द दूत ब्यूरो (24 जुलाई 2026)
देहरादून। जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन के मंच से उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह द्वारा पुलिस का बैज उतारकर सार्वजनिक रूप से विरोध जताने का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर शेर सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं।
कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि कांस्टेबल शेर सिंह 28 जून 2026 से पिथौरागढ़ में अपनी ड्यूटी से बिना अनुमति अनुपस्थित चल रहा था। इसके चलते 20 जुलाई 2026 को उसे निलंबित कर दिया गया था।
आईजी के अनुसार शेर सिंह के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि वह एक कुख्यात गैंगस्टर के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को धमकाकर उनकी जमीनों पर कब्जा कराने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। इस संबंध में हरिद्वार में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस के मुताबिक 15 सितंबर 2025 को शेर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर है।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह ने मंच से भगत सिंह का उल्लेख करते हुए जोशीला भाषण दिया था। इसके बाद उसने अपने कंधे से उत्तराखंड पुलिस का बैज उतारकर आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके को सौंप दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
उत्तराखंड पुलिस के ताजा बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। एक ओर समर्थक इसे व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह बता रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि शेर सिंह पर पहले से गंभीर आरोप हैं और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा चुकी है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal