@शब्द दूत ब्यूरो (30 मार्च 2026)
काशीपुर। चैती मेले के समापन अवसर पर आयोजित भव्य भजन संध्या में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां बाल सुंदरी के दरबार में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चैती मेले से प्राप्त 13 करोड़ रुपये की धनराशि से चैती परिसर का विकास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले से प्राप्त होने वाली आय का उपयोग मेले की व्यवस्थाओं, मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास के लिए किया जाएगा तथा पूरे क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर आयोजकों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया। इससे पहले काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि धामी सरकार ने किसानों, सनातन संस्कृति और जनहित के मुद्दों पर साहसिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से धान की बुवाई पर लगे प्रतिबंध को हटाने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। महापौर ने मुख्यमंत्री के सरल स्वभाव, आमजन से जुड़ाव और जनभावनाओं को समझने की क्षमता की भी सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चैती मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन का महोत्सव है। उन्होंने कहा कि मां बाल सुंदरी की कृपा के बिना इस दरबार तक किसी का पहुंचना संभव नहीं है और उन्हें भी आज यहां आने का अवसर माता की कृपा से ही मिला है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को चैती मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों की जनता का उत्साह, आस्था और सहभागिता इस मेले को विशेष बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के नव निर्माण, पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे चारधाम हों, मानसखंड के मंदिर हों या प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल—सरकार इन सभी स्थानों पर सड़क, बिजली, पानी, आवास और परिवहन जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि काशीपुर उत्तराखंड का प्रमुख प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां स्थित मां बाल सुंदरी मंदिर का विकास और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि काशीपुर केवल औद्योगिक नगर के रूप में ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था की नगरी के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर का विकास इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा और इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होने कहा कि काशीपुर को जाम से मुक्त कराने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं का विरोध करने वालों पर भी तंज कसे। उन्होंने कहा कि वह दिन रात राज्य के विकास के लिए जुटे हुए हैं। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
सीएम धामी ने इस मौके पर ग्रीष्मकालीन धान लगाने की छूट का भी जिक्र किया । वहीं मुख्यमंत्री ने मेले के प्रधान पंडा विकास अग्निहोत्री, मनोज अग्निहोत्री, कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री, व भजन गायक शुभम तिलकधारी लखबीर सिंह लक्खा को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी प्रदीप बत्रा , विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, ब्लाक प्रमुख चंद्रप्रभा , विभिन्न जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक लखविंदर सिंह लक्खा की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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