@शब्द दूत ब्यूरो (17 जून 2025)
देहरादून। मीडिया कर्मियों के स्वास्थ्य हित में एक सराहनीय पहल करते हुए मंगलवार को देहरादून में एक विशेष नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग एवं सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में 350 से अधिक पत्रकारों एवं उनके परिजनों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।
“मीडिया कर्मी अक्सर चौबीसों घंटे अपने कर्तव्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पाते। यह विशेष शिविर सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया कि वे आवश्यक देखभाल प्राप्त कर सकें। आगे भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।”
— पुष्कर सिंह धामी, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
स्थल और उद्देश्य
शिविर का आयोजन रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय परिसर में किया गया। इसका उद्देश्य पत्रकारों की उन स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करना था जो उनकी व्यस्त दिनचर्या के कारण अक्सर उपेक्षित रह जाती हैं।
विशेषज्ञों की सेवाएं
सरकारी दून मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ विशेषज्ञों – जिनमें हृदय रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञ शामिल थे – ने परामर्श और तुरंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर का उद्घाटन
शिविर का उद्घाटन स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। डॉ. कुमार ने इस प्रकार की जनकल्याणकारी पहलों के महत्व पर बल दिया जबकि श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पत्रकार हित में की जा रही पहलों की सराहना की।
अन्य सेवाएं
शिविर में पैथोलॉजी जांच, आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) आईडी पंजीकरण और वय वंदना कार्ड बनाने की सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
शिविर के दौरान कई लोगों में पहली बार हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं, जिन्हें समय पर चिकित्सकीय सलाह और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal
“मीडिया कर्मी अक्सर चौबीसों घंटे अपने कर्तव्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पाते। यह विशेष शिविर सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया कि वे आवश्यक देखभाल प्राप्त कर सकें। आगे भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।”