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फैक्ट चेक :क्या वाकई में भाजपा के 94 सासंदों की सदस्यता होगी रद्द? क्या है इस वायरल खबर का सच?

@शब्द दूत ब्यूरो (09 जून 2025)

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है। खबर  भरोसेमंद स्रोत नहीं है जिसमें कहा गया हो कि “भाजपा के 94 सांसदों” की सदस्यता रद्द होगी। सोशल मीडिया पर जो वीडियो या क्लिप वायरल हो रहे हैं (जैसे “BJP के 94 सांसद रद्द होंगे?”, “BJP के 94 सांसदों पर बुलडोज़र चलेगा?”) — ये प्रायः YouTube चैनलों द्वारा राजनीतिक चर्चा बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं, किन्तु इनका कोई तथ्यगत आधार नहीं मिलता ।

कोई न्यायिक आदेश नहीं
न तो सुप्रीम कोर्ट ने कोई ऐसा आदेश दिया है और न ही कोई स्पष्ट याचिका दायर हुई है जिसके अंतर्गत भाजपा के 94 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी। वायरल क्लिप्स केवल चर्चा-मूलक वीडियोज़ जैसा दिख रहे हैं।

न्यायालय की प्रक्रिया
संसद सदस्य (MP/MLA) की सदस्यता रद्द या रद्द करने की प्रक्रिया केवल निम्न स्थितियों में हो सकती है:

1. दोषसिद्धि केस – कोई सदस्य अदालत द्वारा दोषी ठहरता है और न्यूनतम दो साल की सज़ा होती है → तुरंत सदस्यता समाप्त होती है (राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार और सुप्रीम कोर्ट के Lily Thomas फैसले के अनुरूप) ।

2. पार्टी छोड़ना या नियम उल्लंघन – “एंटी-दिफेक्शन लॉ” के अंतर्गत स्पीकर/चेयर द्वारा व्यक्तिगत तौर पर निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन यह दो-तिहाई समर्थन वाले बड़े समूहों/गठबंधनों के मामले में ही हो सकता है, न कि 94 सांसदों पर एक साथ।

वायरल वीडियो के मुख्य शीर्षक “BJP के 94 सांसद रद्द होंगे?” को देखने पर यह मालूम पड़ता है कि वे वीडियो राजनीतिक थ्रिल पैदा करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं — उनमें कोई कोर्ट आदेश या वैध राजनीतिक दावा नहीं दिखाया गया।

1. सोशल मीडिया पर कोई सत्यापित स्रोत या आधिकारिक आदेश नहीं है जो यह बताता हो कि 94 सांसदों की सदस्यता खो जाएगी।

2. वायरल क्लिप्स केवल वायरल थ्रिल उत्पन्न करने के लिए बनाए गए हैं, न कि किसी वास्तविक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा।

3. सदस्यता रद्दीकरण केवल व्यक्ति विशेष या छोटे समूह के खिलाफ संभव है, और उसके लिए अदालत या संसद के भीतर सही प्रक्रिया अपनाई जाती है।

सोशल मीडिया पर चल रही यह खबर फर्जी (भ्रामक) है। वायरल वीडियो में जो दावा किया जा रहा है, उसका कोई कानूनी या खबरों में आधार नहीं है।

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