Breaking News

उत्तराखंड की विस्मृत धरोहर : कत्यूरी राजवंशी दुर्ग लखनपुर की आत्मकथा पर आधारित लघु फिल्म यूट्यूब पर रिलीज, पौराणिक व धार्मिक धरोहर के मलबे में बदलने की पीड़ा

@शब्द दूत ब्यूरो (29 मई 2025)

उत्तराखंड की सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, सिद्धि सिने उत्तराखंड (Siddhi Cine Uttarakhand) एवं उत्तराखंड स्टूडियो (Uttarakhand Studio) के संयुक्त प्रस्तुति में एक सशक्त लघु फिल्म “विस्मृत धरोहर (कत्यूरी राजवंशी दुर्ग लखनपुर – गेवाड़ घाटी, चौखुटिया)” का बीते दिवस यूट्यूब चैनल “Uttarakhand Studio” पर भव्य विमोचन किया गया।

इस फिल्म का लेखन, निर्देशन और भावनात्मक प्रस्तुति जगदीश तिवारी द्वारा किया गया है, जो एक आत्मकथात्मक शैली में लखनपुर दुर्ग मंदिर की आवाज़ बनकर दर्शकों को उसके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से परिचित कराते हैं।

इस फिल्म के मुख्य आकर्षणों की अगर बात करें तो
यह फिल्म कुमाऊँ क्षेत्र के अल्मोड़ा जिले की गेवाड़ घाटी में स्थित प्राचीन लखनपुर दुर्ग मंदिर पर केंद्रित है, जो कत्यूरी राजाओं द्वारा 8वीं से 11वीं सदी के मध्य निर्मित किया गया था।

फिल्म में दर्शाया गया है कि किस तरह से यह ऐतिहासिक स्थल आधुनिक विकास और उपेक्षा के कारण धीरे-धीरे मलबे में दबता चला गया। 108 शिवलिंग, पंचमुखी गुफा, नरसिंह मंदिर, गायत्री मंदिर, शेषावतार मंदिर, और स्वर्ग सीढ़ी (Paradise Ladder) जैसे अद्भुत धार्मिक और ऐतिहासिक तत्वों को फिल्म में प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है।

“जागर” की पारंपरिक प्रस्तुति हीरा लाल और उनकी टीम द्वारा की गई है, जिससे फिल्म में लोक-संस्कृति का जीवंत समावेश हुआ है।वीरम देव, अंतिम कत्युरी शासक, और लखनपुर क्षेत्र के अन्य पुरावशेषों को भी गहराई से दर्शाया गया है।

इस फिल्म में फोटोग्राफी निर्देशक  ध्रुव त्यागी, संगीत हीरा लाल सिंगर एवं टीम के द्वारा दिया गया। फिल्म में पंडित जी ईश्वर दत्त कांडपाल और पुजारी  खीमानंद जोशी ने पूरी जानकारी दी है।

फिल्म की निर्माता पूजा सिंह हैं। फिल्म के निर्देशक जगदीश तिवारी ने स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, इतिहासकारों, साहित्यकारों और युवाओं से अपील की है कि वे इस अनमोल धरोहर के संरक्षण के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा, “लखनपुर दुर्ग न केवल इतिहास का पृष्ठ है, बल्कि वह हमारी सांस्कृतिक आत्मा है। यदि हमने आज इसकी सुध नहीं ली, तो कल यह पूरी तरह विस्मृत हो जाएगा।”

उन्होंने उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया कि इस स्थल को “घाम तापो पर्यटन” योजना के तहत शामिल कर इसका समुचित विकास और संरक्षण किया जाए।

Check Also

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग विस्तृत समीक्षा बैठक, ऊर्जा सुरक्षा से लेकर आपूर्ति शृंखला तक कई अहम निर्देश

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (28 मार्च 2026) नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-