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सरकारी अस्पताल में फर्जी मरीजों की एंट्री, जिसका नाम रजिस्टर में दर्ज वह तो अस्पताल आया ही नहीं, हैरान करने वाला मामला, खुद डीएम ने बताई पूरी कहानी, देखिए वीडियो

@शब्द दूत ब्यूरो (17 फरवरी 2025)

“हेलो, आपका इलाज यहाँ अस्पताल में सही हो गया है ”

कैसा इलाज मैं तो स्वस्थ हूँ। और अस्पताल तो आया ही नहीं मैं,

कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जब यह जाना तो हैरान रह गये।

कानपुर। कानपुर मेें स्वास्थ्य महकमे के हालात कैसे हैं? इलाज के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। इसका खुलासा जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में हुआ।

बीते रोज डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह अरबन पीएचसी केपीएम अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे। शासन की तरफ से चलाए जाने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का जायजा लेने के लिए डीएम जब यहां पर पहुंचे तो रजिस्टर पर मरीजों की जो इंट्री दर्ज की गई थी, वह कमोवेश एक जैसी राइटिंग में लिखी गई थी। शक होने पर डीएम ने रजिस्टर में दर्ज एक मोबाइल नंबर पर उन्होंने कॉल कर पूछा तो सामने वाले शख्स ने बताया कि वह तो अस्पताल तक नहीं आया। इसके बाद जब नोडल अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने यहां पर मौजूद डॉ. दीप्ति गुप्ता से पूछताछ की तो उन्होंने रजिस्टर में मरीजों की फर्जी इंट्री की बात को स्वीकारा। डॉ. दीप्ति गुप्ता ने यहां पर एक-दो नहीं बल्कि 24 मरीजों की फर्जी इंट्री की थी। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोडल अधिकारी के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की।

डीएम ने इसे सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी मानते हुए एक्शन लिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से डॉ. दीप्ति गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने के साथ ही सीएमओ, एडिशनल सीएमओ, नोडल आदि की जिम्मेदारी तय करने की संस्तुति कर रहे है। डीएम ने इस बात पर सवाल भी उठाए कि सीएमओ, एसीएमओ आदि को यह सब क्यों नहीं दिख रहा है।

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