@शब्द दूत ब्यूरो (11 जुलाई 2024)
नई दिल्ली(प्रसार भारती शब्द) । अग्निपथ योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रमों को विभिन्न अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों ने दूर किया है। अग्निवीरों को चार साल तक सेना में अपनी सेवा प्रदान करने के बाद सेवा समाप्त होने के बाद अर्धसैनिक बलों में प्राथमिकता के साथ साथ 10 प्रतिशत का आरक्षण भी दिया जाएगा।
आज के वक्त में युद्ध की प्रकृति व्यापक रूप से बदल चुकी है। ऐसे में न सिर्फ जल, थल और वायु बल्कि साइबरटेक, इंटरनेट ऑफ मिलिटरी थिंग्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी कि एआई से भी कई प्रकार के खतरे हैं। ऐसे में बेहतर, सुसज्जित और अधिक तैयार सेना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। ऐसे में देश के लिये एक युवा और सुसज्जित सशस्त्र बल की आवश्यकता की पूर्ति के लिये सरकार अग्निपथ योजना तैयार की गई।
केन्द्र सरकार ने 14 जून 2022 को सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए योजना की शुरुआत की। योजना के तहत चुने गए युवाओं को ‘अग्निवीर’ के रूप में जाना जाएगा। ये योजना युवाओं को 4 साल की अवधि के लिए सेना में सेवा की अनुमति देती है। इस योजना से सेना की युवा प्रोफ़ाइल को सक्षम किया जाएगा।
अग्निवीरों को मिलने वाले लाभों की बात की जाये तो चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत सैनिकों को सेना में 15 साल के लिए पुनर्नियुक्ति मिलेगी। साथ ही सेवा अवधि पूरे होने पर एकमुश्त 11.71 लाख रुपए की ‘सेवा निधि’ का भुगतान किया जाएगा और चार साल की अवधि के लिये 48 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर भी प्राप्त होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर चुका है। सीआरपीएफ के डीजी अनीस दयाल सिंह के मुताबिक पूर्व अग्निवीरों को सीआरपीएफ में लेने की तैयारियां पूरी हो चुकी है। इतना ही नहीं अग्निवीरों को उम्र में रियायत भी मिलेगी।
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