@शब्द दूत ब्यूरो (05 अक्तूबर, 2023)
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने नए डिजिटल मास्टर प्लान में दून से गुजर रही भूकंप रेखा से 50 मीटर दूरी तक भवनों के निर्माण पर पाबंदी लगा दी है। राजधानी देहरादून में भूकंप के बढ़ते खतरों के बीच यह पहला अवसर है, जब दून के मास्टर प्लान में फ्रंटलाइन एरिया को चिह्नित कर निर्माण को रोकने की पैरोकारी की गई। बावजूद इसके शासन ने 50 मीटर की दूरी को कम करते हुए 30 मीटर पर अपनी सहमति दे दी है।
ध्यान रहे कि देहरादून भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर राजपुर रोड, सहस्त्रधारा और शहंशाही आश्रम से मेन बाउंड्री थ्रस्ट फाल्ट लाइन और मोहंड के आसपास के इलाके से हिमालयन फ्रंट थ्रस्ट फाल्ट लाइन गुजरती है। दून घाटी में 29 अन्य भूकंपीय फाल्ट लाइनें भी हैं जहां बने मकानों पर भूकंप का खतरा हमेशा मंडराता रहता है।
मुख्य भूकंप रेखा वाले क्षेत्र ही नहीं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजर रहीं 29 अन्य भूकंपीय फाल्ट लाइनों के आसपास भी यही नियम लागू रहेगा। एमडीडीए ने इन सभी क्षेत्रों को फ्रंटलाइन एरिया के तौर पर चिह्नित किया है। इसके अलावा निकटवर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तीन मंजिल के मकान बन सकेंगे।
पृथ्वी की सतह पर एक लंबी दरार है। भूकंप भी आमतौर पर इसी फॉल्ट लाइन के बीच किसी हलचल से आता है। जब प्लेट टकराती हैं तो घर्षण की वजह से ऊर्जा बाहर निकलने की कोशिश करती है। इससे होने वाली हलचल से भूकंप आता है। देहरादून के बीच से यह भूकंप रेखा या फाल्ट लाइन गुजरती है।
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