@शब्द दूत ब्यूरो (27 जून 2023)
काशीपुर। शहर के नेताओं का यह सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत और आभार जताने के उन्हें खूब अवसर मिल रहे हैं। दरअसल सीएम धामी का काशीपुर से विशेष लगाव है। सीएम धामी संभवतः उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री होंगे जो एक रिकार्ड बनाने जा रहे हैं। और वह रिकॉर्ड है एक मुख्यमंत्री के सबसे अधिक काशीपुर के दौरों का।
अब बात करते हैं यहां की जनता की। जनता भी चाहती है कि उनके मुख्यमंत्री अधिक से अधिक बार काशीपुर आयें ताकि जन समस्याओं से निजात मिल सके। हालांकि समस्याएं हैं कि सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती ही जा रहीं हैं। और फिर जब शहर के जो नेता स्वागत और आभार जताने के लिए उद्यत रहते हैं वह जनता की समस्याओं से नहीं घबराते। हर समस्या का हल मुख्यमंत्री के माध्यम से कराने को हर वक्त तत्पर रहते हैं। इसलिए जनता को कोई चिंता करने की जरूरत भी नहीं है।
जलभराव ,शहर की अनेक कालोनियों में सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव,बरसात में कालोनी में नालियों का पानी घरों में घुसना जैसी समस्याओं का क्या है? स्वागत और आभार करने वाले शहर के स्थानीय नेता ऐसी कालोनियों में तो रहते नहीं इसलिए उन्हें इन समस्याओं का पता भी कैसे चलेगा?
दरअसल शहर के नेता, नेता से आशय हर राजनीतिक दल के नेता से है। उदाहरण के लिए जब सत्तारूढ़ दल को कोई खुशी या आभार जताना होता है तो महाराणा प्रताप चौक या रामलीला मैदान या शहर के किसी शानदार होटल में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। किसी समस्याग्रस्त कालोनी में जाने के बजाय सर्वसुविधायुक्त स्थान पर करने से सब अच्छा ही अच्छा नजर आता है और सुशासन की बू आती है। नेताओं को तो छोड़ दीजिए अधिकारी भी करें तो क्या करें उन्हें तो सरकार और स्थानीय सत्तारूढ़ नेताओं के अनुसार चलना पड़ता है।
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