@शब्द दूत ब्यूरो (15 अप्रैल 2023)
काशीपुर। मुख्य शिक्षा अधिकारी उधम सिंह नगर से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात खण्ड शिक्षा अधिकारी काशीपुर द्वारा पं० गोविन्द बल्लभ पन्त इंटर कॉलेज काशीपुर के कार्यवाहक प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता प्रमोद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था । इस मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पहुचने के बाद न्यायालय ने उक्त निलम्बन के आदेश को गलत ठहराते हुए ख़ारिज कर दिया है ।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा जारी किये गए आदेश में निलम्बन आदेश को ख़ारिज करते हुए कहा गया है कि याचिकाकर्ता प्रमोद कुमार ने तर्क दिया है कि याचिकाकर्ता पं० गो० ब० पन्त इंटर कॉलेज काशीपुर में कार्यवाहक प्रधानाचार्य तथा परीक्षा प्रभारी दोनों पदों पर कार्यभार संभाल रहा था । इसलिए अन्य विद्यालय में कस्टोडियन के कार्यभार को ग्रहण करना संभव नहीं था जिसकी सूचना उन्होंने विभाग को दे दी थी । न्यायालय द्वारा स्पष्ट किया गया कि लगाया गया आरोप इतना गंभीर नहीं है कि जिसके लिए इतना बड़ा जुर्माना लगाया जाये इसलिए उक्त निलम्बन आदेश को कानून कि नजर में बरकरार नहीं रखा जा सकता है ।
उच्च न्यायालय निलम्बन आदेश के अवलोकन से यह संकेत मिलता है कि निलम्बन आदेश पारित करने वाले प्राधिकारी ने मामले के सबसे महत्वपूर्ण पहलू पर विचार नहीं किया, अर्थात याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप साबित होने की स्थिति में बड़ा दंड लगया जायेगा या नहीं । इस प्रकार, इस न्यायालय को यह मानने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि विवादित आदेश बिना दिमाग लगाये सरसरी तौर पर पारित किया गया है तथा मामले को देखते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी काशीपुर के दिनांक 18 मार्च के निलम्बन आदेश को रद्द किया जाता है।
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