@शब्द दूत ब्यूरो (16 जनवरी 2023)
काशीपुर। अनियोजित निर्माण कार्यों पर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर बढ़ रहा है लेकिन शहर का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। धड़ाधड़ कालोनियां बनाई जा रही है। पर अधिकांश कालोनियां नियमविरूद्ध बन गई हैं। स्थानीय प्रशासन गाहे-बगाहे कार्रवाई कर यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि वह सतर्क है लेकिन इस तरह की कार्यवाही महज खानापूर्ति बन कर रह गई हैं।
कृषि भूमि धीरे धीरे कम होती जा रही है। कई कालोनाइजर बगैर मानचित्र के बेधड़क प्लाट काटकर चांदी काट रहे हैं। मोटे मुनाफे के लालच में शहर में हो रहे अनियोजित विकास भविष्य में आने वाली एक त्रासदी को निमंत्रण दे रहा है। शहर के चारों ओर नजर दौड़ाइये तो आपको नई कालोनियां और प्लाट नजर आयेंगे। लेकिन ये सब प्रशासन को नजर नहीं आता। प्रशासन तब ही जागता है जब शिकायत होती है वर्ना नियमविरूद्ध काम धड़ल्ले से जारी है।
रामनगर रोड, जसपुर रोड, अलीगंज मार्ग सभी जगह अवैध निर्माण कार्य जारी है। मौन प्रशासन की नजरों के सामने हो रहा ये अवैध निर्माण चिंता का विषय है। विकास प्राधिकरण सफेद हाथी बना हुआ है। लगता है कि नियम कानून विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन के लिए केवल कागजों तक सीमित है। धरातल पर इन नियम कानूनों का कोई मतलब नहीं है।
मजे की बात यह है कि इन अवैध कॉलोनियों में सड़क नाली व अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। इन कालोनियां के नागरिक फिर जन प्रतिनिधियों के पास अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगाते नजर आते हैं। जबकि इन समस्याओं के मूल में प्रापर्टी डीलरों की मोटे मुनाफे की भूख है वहीं दूसरी ओर प्रशासन की इन अवैध कालोनाइजर्स की कारगुजारियों के प्रति आंख मूंद लेना है।
लोगों की समस्याओं से कॉलोनाइजर हो या प्रशासन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता । बावजूद कॉलोनाइजर धड़ल्ले से कृषि भूमि पर कालोनी काटने में जुटे हैं, जगह जगह कालोनियों का जाल बिछा है लेकिन प्रशासन अनजान सा है ।



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