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काशीपुर में आयोजित दीपोत्सव ने बढ़ाया भाजपा नेता दीपक बाली का कद

@शब्द दूत ब्यूरो (23 अक्टूबर 2022)

काशीपुर । इसे कहते हैं राजनीतिक दूरदर्शिता और काम की राजनीति । अपनी इसी सोच के चलते मात्र 2 वर्ष के अपने राजनीतिक सफर से दीपक बाली एक मंजे हुए राजनेता बनकर उभरे हैं। वे जब आम आदमी पार्टी में थे तो उन्होंने काशीपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और दिल्ली तक अपना करिश्माई वजूद दिखा दिया था । एक सवा साल की राजनीति से ही वह प्रदेश अध्यक्ष तक की कुर्सी पर जा पहुंचे थे जिससे न सिर्फ उनका बल्कि काशीपुर का भी सम्मान बढा था।

अब,जब वे भाजपा में आए तो यहां भी उन्होंने सारी गुटबंदी से ऊपर उठकर दिखा दिया कि गुटबाजी में कुछ नहीं रखा बल्कि एक दूसरे के साथ मिलकर संगठन और सरकार को मजबूत करने से ही अपने काशीपुर और प्रदेश का भला हो सकता है। उन्होंने दीपोत्सव कार्यक्रम में सभी को निश्चल भाव से आमंत्रित कर बता दिया कि वह सभी के हैं और चाहते हैं कि सभी पार्टी जन भी एक दूसरे के साथ मिलकर चलें। उन्होंने कार्यक्रम में पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा को बुलाया तो पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल को भी व्यक्तिगत रूप से न्योता दिया।

अपनी साफ-सुथरी छवि और कार्यप्रणाली के बल पर ही दीपक बाली ने पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री को तीर्थ द्रोणा सागर पर लाकर काशीपुर के लिए एक नया इतिहास रचा है । उनकी दूसरी बड़ी उपलब्धि दीपोत्सव में 51 हजार दीपकों की श्रंखला को आयोजित कराना रहा । साफ है कि वे काम करना भी जानते हैं और कराना भी। यही कारण है कि काशीपुर का तीर्थ स्थल द्रोणासागर भी अयोध्या की भांति चमक उठा और लोग रात के अंधेरे में यहां की भव्यता को देखते रह गए। जल रहे हर दिए से दीपक बाली की मेहनत और दूरदर्शिता तथा संजय भाटिया की लगन और निष्ठा झलक रही थी। उनके द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम को देखकर मुख्यमंत्री ने दो बार अपने संबोधन में श्री बाली का नाम लिया और कहा कि उन्हें दीपक बाली ने इस भव्य समारोह में आने का अवसर दिया है ।

जब प्रधानमंत्री किसी प्रदेश में जाते हैं तो जब तक प्रधानमंत्री वहां रहते हैं तो वहां का मुख्यमंत्री उस दिन अपने सारे कार्यक्रम स्थगित कर देते हैं ,मगर कमाल देखिए कि उधर प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड से उड़ान भरी और आनन-फानन में तुरंत मुख्यमंत्री के काशीपुर आगमन का कार्यक्रम जारी हो गया । पुलिस और प्रशासन को भी अचानक सूचना मिली। लोग चर्चा कर रहे थे कि मुख्यमंत्री काशीपुर नहीं आएंगे मगर जब कार्यक्रम प्रशासनिक स्तर पर भी ओके हो गया तो चर्चाएं करने वाले देखते रह गए। इतने कम समय में कार्यक्रम मिलने पर भी दीपक बाली ने हिम्मत नहीं हारी और हिंदू राष्ट्र शक्ति संस्था के प्रभारी संजय भाटिया के साथ उन्होंने दिन रात एक कर दिया। किसी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी अल्प अवधि में इतना शानदार कार्यक्रम हो जाएगा लेकिन दीपक बाली की मेहनत रंग लाई और काशीपुर क्षेत्र की जनता उनके कला कौशल और राजनीतिक प्रभाव को देखकर चकित रह गई।

दीपक बाली पिछले दो दिनों से लगातार इस कार्यक्रम के आयोजन में लगे हुए थे । उन्होंने कार्यक्रम में पूरी ताकत झोंक दी और अपनी टीम में शामिल हिंदू राष्ट्र शक्ति संस्था के प्रभारी संजय भाटिया,अमित सक्सेना,मुकेश चावला ,मनीष चावला ,अभिताभ सक्सेना ,पवित्र शर्मा ,अजय वीर यादव प्रभाकर पाठक शोभित गुड़िया के साथ कार्यक्रम को बेहतर बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी । यही कारण है कि इस कार्यक्रम में शामिल सभी आम और खास ने न सिर्फ इस कार्यक्रम को सराहा है बल्कि दीपक बाली की राजनीतिक ताकत और सूझबूझ को भी अपनी आंखों से देखा है। उधर दूसरी ओर जहां मुख्यमंत्री ने दीपक जलाया वहां दीपक बाली की धर्मपत्नी श्रीमती उर्वशी दत्त बाली ने मुख्यमंत्री का तिलक कर स्वागत किया और उन्हें दीपक भेंट किए ।

तीर्थ स्थल द्रोणा सागर पर आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में राम दरबार भी आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री ने खुद राम दरबार में भगवान राम माता जानकी लक्ष्मण व हनुमान जी की स्तुति की । उन्होंने इस कार्यक्रम को काफी सराहा और वह राम दरबार देख कर इतने प्रभावित हुए कि उनका संबोधन ही भगवान राम पर केंद्रित रहा। राम दरबार में राम की भूमिका जिन बच्चों ने निभाई उनमें भगवान श्री राम के रूप में सुजल चावला माता सीता के रूप में निशा लक्ष्मण के रूप में आर्यन तथा हनुमान जी की भूमिका सुवंश बिंदल ने निभाई। खैर दीपोत्सव कार्यक्रम तो ऐतिहासिक रहा ही साथ ही क्षेत्र के राजनेताओं के लिए यह संदेश भी छोड़ गया कि क्षेत्र की राजनीति में दीपक बाली का एक बड़ा वजूद है और कोई कार्यक्रम करें तो उनसे कार्यक्रम की सफलता की सीख ले।

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