@शब्द दूत ब्यूरो (04 सितंबर 2022)
बागेश्वर। यहाँ गरुड़ के नागरिक आज सुबह सुबह अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पाये। मार्निंग वाक पर निकले एक शख्स को देखकर वह सुखद आश्चर्य से उसकी ओर देखने लगे। उनके सामने वह शख्स था जिसने उत्तराखंड के 22 सालों के एक मिथक को तोड़ दिया था। वह शख्स और कोई नहीं सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी थे।
यूं तो पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बनने के बाद आम जन के बीच में जाकर उनसे सहज संवाद करते कई बार देखे गये हैं। आमतौर पर सूबे का मुख्यमंत्री भारी लाव लश्कर और सुरक्षा के तामझाम के बीच नजर आते रहते हैं। आमजन उनसे सहज और और राज्य के एक नागरिक की भांति मिले और सीधे संवाद करे ये सोचना भी एक सपना लगता है। कहानी किस्सों में राजा के भेष बदलकर जनता से मिलने के बारे में पढ़ने को मिलता है। पर सीएम धामी ने उन कहानियों और किस्सों को हकीकत में बदल दिया। 
आज अपने बागेश्वर दौरे के मौके पर सुबह भ्रमण के दौरान बड़े ही सरल और सहज स्वभाव के साथ लोगों का अभिवादन स्वीकार कर सीएम धामी उनके पास पहुँचे। बिना किसी क़ाफ़िले के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ऐसे देख आम जनता समझ नहीं पाई कि उनके प्रदेश के मुखिया सुबह सुबह खुद उनके बीच पैदल चलकर आए हैं।मुख्यमंत्री इस अवसर पर सादगी के साथ आम जनता से जनसंवाद करते नजर आये सीएम धामी की यह कोशिश उनकी जनता के प्रति एक कुशल प्रशासक और उनकी सादगी का अद्भुत संगम का परिचायक है। सीएम धामी की इस अनूठी शैली से आम जनता में उनकी छवि अन्य राजनेताओं के मुकाबले सराहनीय कही जा रही है।
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