@शब्द दूत ब्यूरो (22 जुलाई, 2022)
उत्तराखंड में जितनी आफत की बारिश की आशंका मौसम विभाग ने जताई थी, उतनी तो नहीं हुई, लेकिन अभी आफत की बारिश जारी है। राज्य के बागेश्वर और पिथौरागढ़ ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है और लोगों व यात्रियों से सुरक्षित रहने को कहा गया है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते खासकर पहाड़ों में रास्ते बंद होने से राज्य के ग्रामीणों को काफी मुसीबतों का सामना करना पद रहा है। उत्तराखंड के कई गांवों का शेष राज्य से सीधा संपर्क कटा हुआ है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक 9 स्टेट हाईवे समेत राज्य भर में कुल 168 सड़कें अब भी बंद हैं.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड के लगभग सभी ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे पहले मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक बारिश रहने की बात कही थी। गुरुवार यानी 21 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की बरसात या बूंदाबांदी ही होने की खबरें हैं, लेकिन टिहरी ज़िले में देर रात से बारिश जारी है। इस बारिश के चलते ज़िले में गांवों को जोड़ने वाली सात सड़कें बंद हो गई हैं।
इधर चमोली ज़िले में ही बारिश के चलते कई गांवों में भूधंसाव का खतरा भी पैदा हो रहा है। ज़िले के चोटिंग गांव के सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर टेंट में शिफ्ट कर दिया गया है क्योंकि उनके घरों पर भारी बारिश के चलते ज़मीन धंस जाने का खतरा मंडरा रहा है। चमोली डीएम के हवाले से कहा गया है कि इन परिवारों को इनकी सहमति से ही टेंट मुहैया करवाए गए हैं।
उत्तरकाशी ज़िले में बारिश के चलते भूस्खलन होने के कारण छह ग्रामीण सड़कें बन्द हैं। वहीं, बारिश के चलते कई जगह पर बद्रीनाथ नेशनल हाईवे लगातार प्रभावित है। आज सुबह ही यह हाईवे रुद्रप्रयाग ज़िले में सिरोबगड़ के पास ठप हो गया। हालांकि कुछ देर बाद यहां से आवाजाही शुरू की जा सकी। चमोली ज़िले में भी यह हाईवे बार-बार बाधित चल रहा है और घंटों घंटों तक यात्रियों के रुके या फंसे रहने के हालात बने हुए हैं।
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