@शब्द दूत ब्यूरो (24 मई, 2022)
राज्य में चंपावत उपचुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है, लिहाजा कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। प्रचार तंत्र के मामले में भाजपा कांग्रेस से बढ़त बनाए हुए है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी के पक्ष में स्थानीय होने का असर साफ दिखाई दे रहा है। या यूं कहें कि निर्मला गहतोड़ी के पक्ष में अंडर करंट दिखाई दे रहा है।
चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताबड़तोड़ चंपावत दौरे जारी हैं। कांग्रेस ने भी प्रचार के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी चंपावत विधानसभा में प्रचार के लिए उतर चुके हैं।
फिलहाल, सीएम धामी की बॉडी लैंग्वेज बता रही है कि मामला काफी नजदीकी रहेगा। सीएम के चुनाव लड़ने की वजह से कोई भी कुछ खुलकर बोलने से बच रहा है। यहां तक कि भाजपा के पक्ष में प्रचार कर रहे लोग भी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। मुख्यमंत्री के पक्ष में कार्यकर्ताओं की एक बहुत बड़ी फौज भी विधानसभा में डेरा डाले हुए है। लेकिन आम मतदाताओं में कांग्रेस के प्रत्याशी का स्थानीय होना बेहद असरदार साबित हो रहा है।
कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष तथा पूर्व दर्जा राज्यमंत्री निर्मला गहतोड़ी पिछले 30 वर्षों से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रही हैं। गहतोड़ी लोगों के सुख-दुख में बराबर शामिल होती रही है लिहाजा उनका लोकल होना भाजपा के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है। सियासत के जानकारों के मुताबिक चंपावत में दिलचस्प मुकाबले के आसार बने हुए हैं
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