@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (21अप्रैल, 2022)
देश की राजधानी नई दिल्ली से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी मिल गई है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 5 से 6 घंटे तक कम हो जाएगा।
हालांकि इसके लिए 11 हजार पेड़ भी काटे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) की तरफ से नियुक्त एक्सपर्ट पैनल के भी पुनर्गठन का निर्देश दिया है, जिसका काम पर्यावरण को हुए नुकसान के साथ ही वनरोपण कराना भी होगा।
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और अनिरुद्ध बोस की बेंच ने आदेश दिया कि इस एक्सपर्ट पैनल की अगुवाई पर्यावरण मंत्रालय में महानिदेशक (फॉरेस्ट) सी पी गोयल करेंगे। ग्रीन ट्राइब्यूनल ने पिछले साल 13 दिसंबर को उत्तराखंड के मुख्य सचिव को नियुक्त किया था, जिसकी जगह अब सुप्रीम कोर्ट ने नए एक्सपर्ट पैनल को नियुक्त किया है।
एक्सप्रेसवे निर्माण में सबसे बड़ी समस्या यूपी के गणेशपुर से लेकर उत्तराखंड के अशारोड़ी तक का 20 किलोमीटर लंबा स्ट्रेच है। जंगल के इलाके से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के लिए 11 हजार पेड़ों को काटा जाना है। कई एनजीओ और पर्यावरणप्रेमियों की तरफ से इसका विरोध किया जा रहा है। एनजीटी ने केंद्रीय पलूशन कंट्रोल बोर्ड, वन्यजीव संस्थान, फॉरेस्ट रिसर्च सहित 12 सदस्यीय समिति का गठन किया था।
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