@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (1 सितंबर 2021)
आप थके हुए हों और पूरी रात आराम से सोना चाहते हों। आप यह कहकर सोये कि मुझे रात भर मत उठानसो सुबह सूरज निकलने पर ही उठाना। आपकी बात का पूरा सम्मान करते हुये आपको रात भर सोने दिया जाये और ठीक चालीस मिनट बाद आपको उठाकर कहा जाये कि उठिये सुबह हो गई।
आपको ऐसा सुनना अजीब लग रहा होगा पर इसमें उठाने वाले की कोई गलती नहीं है उसने वही किया जो आपने कहा। दरअसल दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां रात 40 मिनट की होती है, वो है नॉर्वे का हेमरफेस्ट शहर। यहां रात 12 बजकर 43 मिनट पर सूरज छिपता है और महज 40 मिनट के बाद उग आता है।
नॉर्वे आर्किटिक सर्कल के अंदर आता है। यहां 40 मिनट की रात साल के मई से जुलाई के बीच होती है। इसलिए नॉर्वे को इंट्री ऑफ मिडनाइट सन कहा जाता है। देश की सीमाए पूर्व मे स्वीडन से लगती है और उत्तर मे कुछ क्षेत्र की सीमाए फिनलैण्ड और रूस से लगती हैं। यहां की नेचुरल ब्यूटी इसे दूसरे देशों से अलग बनाती है।
21 जून और 22 दिसंबर की तारीखें ऐसी हैं जिनमें सूरज की रोशनी धरती के समान भागों में नहीं फैलती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी 66 डिग्री को एंगल बनाते हुए घूमती है। इसी झुकाव की वजह से दिन और रात की टाइम में फर्क आता है। नॉर्वे में 40 मिनट की रात 21 जून वाली स्थिति से होती है। इस समय 66 डिग्री उत्तरी अक्षांश से 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक का धरती का पूरा हिस्सा सूरज की रोशनी में रहता है। जिससे सूरज सिर्फ 40 मिनट के लिए ही डूबता है।
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