@चमोली से शशांक राणा (13 जुलाई 2021)
हरेला पखवाड़े पर ग्राम पंचायत मैठाणा व बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे गांव की महिलाओं व वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बांज, बुरांश, अखरोट, हरड़ जैसे फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया गया।
हरेला हिन्दू त्यौहार है जो मूल रूप से उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में मनाया जाता है। हरेला पर्व वैसे तो वर्ष में तीन बार आता है। चैत्र महीने में पहले दिन बोया जाता है तथा नवमी को काटा जाता है। श्रावण महीने के सावन लगने से नौ दिन पहले आषाढ़ महीने में बोया जाता है और दस दिन बाद श्रावण के प्रथम दिन काटा जाता है।
श्रावण मास में मनाए जाने वाला हरेला सामाजिक और धार्मिक रूप के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में अपना विशेष महत्व रखता है तथा समूचे कुमाऊँ में महत्वपूर्ण त्यौहार में से माना जाता है। वृक्षारोपण कार्यक्रम में सरपंच ग्राम मैठाणा सीमा सती, सुलोचना देवी, विमला देवी, शांति देवी, दीपा देवी, कुसमा देवी व अन्य ग्रामीण शामिल थे।
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