काशीपुर । बाजपुर रोड स्थित कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय के भवन स्थानांतरित करने में बड़ा गोलमाल अधिकारियों द्वारा किये जाने का आरोप लगाते हुए एक अधिवक्ता ने निदेशक को शिकायती पत्र भेजा है। उधर सबंधित अधिकारी ने आरोपों को निराधार बताया है।
अधिवक्ता मुनिराज विश्नोई ने श्रम कर्मच राज्य बीमा योजना को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय को बाजपुर रोड से रामनगर रोड पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोप लगाया कि वर्तमान में 26 रूपये प्रति वर्ग फिट किराये से बढ़कर नये स्थान पर 40 रूपये प्रति वर्ग फुट किराये पर यह भवन लिया जा रहा है।
“शब्द दूत से हुई बातचीत में आहरण वितरण अधिकारी डॉ ललित कुमार सिंह ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि ईएसआई के नियमों के तहत ही भवन स्थानांतरित होने की कार्रवाई हो रही है। मौजूदा बिल्डिंग का किराया 2015 तक 12 से 15 हजार था बाद में एकदम 42 हजार हो गया है। अब जो बिल्डिंग ली गई है उसका रेट जिलाधिकारी के वहां से स्तर से तय किये जाने की प्रक्रिया हुई है । चूंकि अब यह औषधालय कामर्शियल जगह पर जा रहा है। इसलिए सर्किल रेट के हिसाब से किराया तय की गई है। डॉ सिंह ने बताया कि ईएसआई अस्पताल में अग्निशमन या प्रदूषण प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती। “
शिकायती पत्र में खुलासा किया गया है कि रामनगर रोड भवन स्वामी श्रीमती अर्चना चौहान से जो किरायानामे का एग्रीमेंट हुआ है वह 10 अक्टूबर 2020 को ही कर दिया गया। इस पर निदेशक के द्वारा आपत्ति जताने पर किरायानामे के सात माह पश्चात 24 मई 2021 को आहरण वितरण अधिकारी कर्मचारी राज्य बीमा निगम भवन की आवश्यकता के लिए समाचार पत्रों में अल्पकालीन निविदा सूचना निकाली गई।
अधिवक्ता मुनिराज विश्नोई ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि भवन का किरायानामे होने के सात माह बाद निविदा निकालना संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस स्थान पर कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय है वहां किराया 42172 रूपये है जबकि नयी जगह स्थानांतरित होने जा रहे भवन का किराया 1 लाख रुपये से अधिक है। अधिवक्ता ने इसे एक बड़ा घोटाला बताते हुए इस घोटाले में लिप्त अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
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