@शब्द दूत ब्यूरो
कनाडा के एक बोर्डिंग स्कूल मैदान से 215 आदिवासी बच्चों के अवशेषों से भरी एक सामूहिक कब्र मिली है। ये बच्चे ब्रिटिश कोलंबिया के कैंमलूप्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल के छात्र थे और ये स्कूल 1978 में ही बंद हो गया था। इन अवशेषों को जमीन के नीचे से राडार की मदद से बाहर निकाले गए।
इस खबर के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि ये खबर दिल तोड़ने वाली है और ये हमारे देश का वो शर्मनाक अध्याय याद दिलाती है जो बेहद दर्दनाक है।
एक समय में कनाडा के बोर्डिंग स्कूल में आदिवासी बच्चों को उनके परिवार से जबरन अलग करने की परंपरा थी। वहां छह साल तक जांच के बाद जानकारी मिली कि 1840 से 1990 के बीच कम से कम 150,000 बच्चों को भयंकर मानसिक शारीरिक और यौन हिंसा का का सामना करना पड़ा। जांच में यह भी निकल कर आया कि कम से कम 4100 बच्चों की इस दौरान मौत हुई। यह स्कूल 1840 से 1969 तक चला। बाद में इसे संघीय सरकार ने अपने हाथ में ले लिया। हालांकि 1978 में यह स्कूल बंद हो गया था। कहा जा रहा है कि उस आंकड़े में इन बच्चों की मौतों का आंकड़ा जोड़ा नहीं गया है। जिनके अवशेष इस स्कूल से मिले हैं। पूरे कनाडा में इस खबर को लेकर गम और सदमे का माहौल है। 


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