@विनोद भगत/नवल सारस्वत
काशीपुर । देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों ने गाइडलाइंस जारी कर दी है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी इन गाइडलाइंस के पालन की जनसामान्य से पालन करने की अपील कर रहे हैं। पर क्या वास्तव में लोग इन गाइडलाइंस को मान रहे हैं? 
शब्द दूत की टीम ने आज साहनी रिसोर्ट के निकट लगने वाले संडे बाजार का जायजा लिया तो यह देखकर हैरानी हुई कि कोरोना की गाइडलाइंस केवल कागजों में सरकारी आदेशों तक या फिर अधिकारियों द्वारा कार्यालय में बैठकर अपील मात्र तक ही सीमित रह गयी है। नतीजा स्थिति भयावह होने की संभावना बनी हुई है। संडे बाजार में मास्क लगाये हुये दुकानदार और वहां खरीदारी करने आये महिला व पुरुषों की संख्या काफी कम देखने को मिली। 
हालांकि शब्द दूत का कैमरा देखते ही लोगों ने जेब से मास्क निकाला और मुंह घुमा कर पहन लिया। शब्द दूत की टीम के पूछने पर दुकानदारों के जबाब बड़े अजीबोगरीब थे। एक दुकानदार तो बोला हजारों लोगों ने नहीं लगाया है। हमसे ही क्यों पूछ रहे हैं। कुछ दुकानदार जरूर जागरुक दिखाई दिये जिन्होंने मास्क लगा रखा था। बाकी ने या तो टांग रखा था या जेब में रखा था। 
उधर एस पी प्रमोद कुमार ने यहाँ कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि कोरोना को लेकर सरकारी गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया जायेगा तथा उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। हालांकि संडे बाजार के हालात ठीक इसके उलट कहानी कह रहे हैं। 


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