@शब्द दूत ब्यूरो
उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा सल्ट विधानसभा के उपचुनाव में भी सहानुभूति का दांव चल सकती है। उम्मीदवारी को लेकर बेशक अभी पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन पार्टी के भीतर ही यह इस बात की चर्चा है कि थराली और पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव की तर्ज पर सल्ट में भी सहानुभूति का ही प्रयोग होगा।
बहरहाल, पार्टी सल्ट उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। सल्ट उपचुनाव को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में डॉ धन सिंह रावत और प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट को कमेटी में शामिल किया गया है। 20 मार्च को प्रदेश चुनाव संचालन समिति की बैठक में पैनल पर चर्चा होगी। फाइनल पैनल बनाकर केंद्रीय नेतृत्व को भेज जाएगा। सल्ट उपचुनाव के लिए अलग से चुनाव अभियान समिति बनाई जाएगी।
बता दें कि भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के असामयिक निधन के बाद खाली हुई सल्ट सीट पर 17 अप्रैल को चुनाव होना है। पिछले चार साल में भाजपा को तीसरा उपचुनाव लड़ना पड़ रहा है। थराली उपचुनाव में पार्टी ने स्वर्गीय विधायक मगन लाल शाह की पत्नी मुन्नी देवी को उम्मीदवार बनाया था। सहानुभूति का यह दांव भाजपा के पक्ष में गया। पिथौरागढ़ में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन के बाद भाजपा दोबारा उपचुनाव में गई। काफी सोच विचार के बाद पार्टी ने स्वर्गीय पंत की धर्मपत्नी चंद्रा पंत को प्रत्याशी बनाया और यह सहानुभूति का दांव भी भाजपा के पक्ष में गया।
अब सल्ट विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर पार्टी यही दांव चलने की सोच रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि पार्टी ने सहानुभूति के दांव पर फोकस किया तो पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। अभी पार्टी पूरी तरह से यह तय किया है कि वह स्थानीय व्यक्ति को ही प्रत्याशी बनाएगी। संभावित उम्मीदवारों की सूची में दिनेश मेहरा, डॉ. यशपाल रावत, गिरीश कोटनाला, प्रताप रावत के नामों की चर्चा है।



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