देहरादून/रुद्रपुर। सरकार के मंत्रीमंडल में पंजाबी समाज की उपेक्षा से नाराज उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने सीएम तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान शिष्टमंडल ने उम्मीद जताई कि वर्तमान मुखिया पंजाबियों के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार में पंजाबी विधायकों को भी जगह देंगे।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव घई के नेतृत्व में राज्यभर के प्रमुख पंजाबी नेता देहरादून पहुंचे और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। राजीव घई ने मुख्यमंत्री को बताया कि अल्पसंख्यक आयोग का पद हमेशा पंजाबियों के पास रहा है। लेकिन इस बार प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने यह पद भी उनसे छीन लिया है। इतना ही नहीं प्रदेश में पांच पंजाबी विधायकों के होने के बाद भी उन्हें मंत्रीमंडल में जगह नहीं दी गई।
सीएम तीरथ सिंह रावत ने प्रतिनिधिमंडल की बात को सुनते हुए विश्वास दिलाया कि वे संगठन के साथ गहन मंथन कर इस विषय पर महत्पूर्ण निर्णय शीर्घ लेंगे। सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य के विकास में सर्वसमाज के साथ पंजाबी समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर अब तक पूरे विश्व में पंजाबी सेवा भाव के लिए जाने जाते हैं। कहा कि वे इस संदर्भ में वार्ता कर पंजाबी समाज के हित में निर्णय जल्द ही लेंगे।
प्रतिनिधि मंडल में कुमाऊं प्रभारी अशोक छाबड़ा, युवा पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण चुघ, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार फुटेला, विरेंद्र सिंह चड्डा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव परनामी, मुख्य संरक्षक रवि देव आनंद, बलदेव जायसवाल, गढ़वाल प्रभारी जीएस आनंद, विष्णु आनंद, हरपाल सिंह, गुरदीप सिंह आदि मौजूद रहे।



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