@शब्द दूत ब्यूरो
देहरादून । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत इन दिनों अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में हैं। पिछले दिनों वह यह कहते सुनाई दिये कि मोदी के नाम पर वोट अब नहीं मिलने वाला है। और बीते रोज कांग्रेस नेता वरिष्ठ विधायक नेता प्रतिपक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काबिज रही डा इंदिरा ह्रदयेश पर टिप्पणी को लेकर वह विपक्ष ही नहीं अपनों के भी निशाने पर आ गये हैं। हालांकि चारों ओर से अपने बयान पर हो रही आलोचना के बाद बंशीधर भगत ने कहा कि “उन्होंने मजाक में ऐसा कहा था फिर भी अगर किसी को ठेस लगी है तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं। “पर अब लेकिन तीर चलने के बाद घाव तो कर गया है।
अपनों के निशाने पर मतलब सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को ट्वीट कर माफी मांगनी पड़ी । बंशीधर भगत के इन बयानों को लेकर पार्टी हाईकमान की भवें भी टेढ़ी हो गई है। मुख्यमंत्री का माफी वाला ट्वीट आने का मतलब है कि पार्टी हाईकमान में उनके इस बयान पर भारी नाराजगी है। ऐसे में अब राजनीति के गलियारों में परिवर्तन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। दरअसल 2022 के चुनावों में अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। पार्टी के प्रदेश मुखिया के ऐसे बयानों पर चुनावों में जबाब देना होगा।
हरियाणा से आये सुरेश भट्ट को लेकर अब एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो पार्टी में यह मंथन होने लगा है कि प्रदेश अध्यक्ष के बयानों को लेकर महज मुख्यमंत्री की माफी से डैमेज कंट्रोल क्या हो पायेगा? डा इंदिरा ह्रदयेश पर की गई टिप्पणी पर पूरे प्रदेश में पार्टी के विरूद्ध माहौल बनेगा। ऐसा पार्टी दिग्गजों का मानना है। भाजपा बेटी बचाओ के नारे को जोर शोर से उठाती आई है। विपक्ष भी इसी बात को लेकर हमलावर है।
2022 के चुनावों से पहले सरकार के मुखिया को बदलने की अटकलों को तो विराम लग गया फिलहाल। लेकिन संगठन के मुखिया के बदले जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रदेश मुखिया के लिए विकल्प के रूप में एक अनुभवी नेता मौजूद है। देखना होगा कि क्या विवादित बयान पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पर भारी पड़ेंगे? 



Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal