नई दिल्ली। आखिरकार निर्भया की मां का दर्द और पीड़ा फूट ही पड़ी। आज जब निर्भया रेप मर्डर के दोषियों की फांसी की सजा का डेथ वारंट दुबारा जारी हुआ। अब एक फरवरी को दोषियों को फांसी होगी।
निर्भया की मां ने आज प्रधानमंत्री से कहा कि 2012 में घटना हुई तो इन लोगों ने हाथ में तिरंगा लेकर और काली पट्टी बांधी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए खूब रैलियां की और नारे लगाए। आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा है आप रोक रही है और कोई कह रहा है पुलिस दे दीजिए मैं दो दिन में फांसी पर लटकाकर दिखाउंगा। ये अपने फायदे के लिए फांसी को रोका रहे हैं। इन दोनों के बीच में मैं पीस रही हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 में कहा था कि बहुत हुआ नारी पर वार अबकी बार मोदी सरकार तो साहब मैं हाथ जोड़कर कहना चाहती हूं जिस तरह से आप दोबारा सत्ता में आए हैं और हजारों काम किए हैं। जैसे 370 हटाए, तीन तलाक हटाए उसी तरह से आप इस कानून में संशोधन करें क्योंकि कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। एक बच्ची की मौत के साथ मजाक मत होने दीजिए और चार दोषियों को 22 तारीख को फांसी होने दीजिए।
दरअसल दिल्ली की अदालत ने आज फिर नये सिरे से सभी चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया। इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी। आज ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वृहस्पति वार की देर रात दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी थी, जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया। दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया के पिता ने कहा था कि यह बहुत अच्छी बात है। जब हमने ‘फांसी देने में देरी हो सकती है वाली खबर सुनी तो हमारी सारी उम्मीदें धूमिल पड़ गई थीं।’ मुकेश सिंह ने दो दिन पहले ही दया याचिका दायर की थी।