@शब्द दूत ब्यूरो (08 जून 2026)
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दो दिन पूर्व वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किए जाने के बाद सोमवार को काशीपुर-रामनगर रोड के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। महापौर दीपक बाली ने निर्माण कार्य की शुरुआत कर परियोजना को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस बीच आम लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब क्षेत्र भीषण गर्मी की चपेट में है, तब सड़क निर्माण का कार्य आखिर इसी समय क्यों शुरू किया जा रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार डामर (कोलतार/बिटुमेन) आधारित सड़कों के निर्माण के लिए गर्म मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है। सड़क निर्माण में प्रयुक्त डामर को उच्च तापमान पर पिघलाकर गिट्टी के साथ मिलाया जाता है। गर्म वातावरण में यह मिश्रण अधिक समय तक कार्यशील अवस्था में रहता है, जिससे उसे सड़क की सतह पर समान रूप से बिछाया जा सकता है और रोलर के माध्यम से बेहतर तरीके से दबाया जा सकता है।
तकनीकी जानकार बताते हैं कि गर्मियों में सड़क की सतह पूरी तरह सूखी रहती है। नमी की अनुपस्थिति के कारण डामर और गिट्टी के बीच मजबूत बंधन बनता है, जिससे सड़क अधिक टिकाऊ और मजबूत होती है। इसके विपरीत सर्दियों या वर्षा ऋतु में नमी और कम तापमान डामर की गुणवत्ता तथा उसकी पकड़ को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि अत्यधिक तापमान में भी निर्माण एजेंसियों को सावधानी बरतनी पड़ती है। डामर के तापमान, मिश्रण की गुणवत्ता और रोलिंग प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है ताकि सड़क की सतह लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे और उस पर पहियों के निशान या अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न न हों।
इसी कारण सड़क निर्माण विशेषज्ञों द्वारा गर्मियों के मौसम को डामर सड़क निर्माण के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है। काशीपुर-रामनगर रोड पर शुरू हुआ निर्माण कार्य भी इसी तकनीकी आवश्यकता और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दृष्टि से इस समय किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
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