@शब्द दूत ब्यूरो (07 जून 2026)
काशीपुर। काशीपुर के सरकारी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महानगर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अलका पाल ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि काशीपुर का सरकारी अस्पताल आज केवल एक “रेफर अस्पताल” बनकर रह गया है, जहां मरीजों को समुचित उपचार मिलने के बजाय बड़े अस्पतालों या निजी अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है।
अलका पाल ने कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। हार्ट विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ तथा निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट) जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है और कई परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में काशीपुर में 100 बेड के आधुनिक अस्पताल के निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी है। यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती थीं।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम बेहद खराब स्थिति में है, जिसके कारण कई स्थानों पर गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है।
अलका पाल ने सरकार से अस्पताल के व्यापक जीर्णोद्धार, चिकित्सकों की तैनाती और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनहित में सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारा जाना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के हित में स्वास्थ्य मंत्री का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
कांग्रेस ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस मुद्दे को लेकर पार्टी आगे भी जनहित में संघर्ष जारी रखेगी।
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