@शब्द दूत ब्यूरो (15 सितंबर 2026)
देहरादून। मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन अभियान के समापन पर 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 140 चयनित छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करेंगे। ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर अपने विचार सरकार तक पहुंचाने वाले इन विद्यार्थियों के सुझावों को नीति निर्धारण में शामिल करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल होगी। संवाद से पहले शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी युवाओं के साथ बैठक कर उनके विचार सुनेंगे और मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे संवाद करें। शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, स्वरोजगार, पलायन, लोक निर्माण, आईटी, पर्यटन तथा महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी युवाओं के सुझावों को सुनेंगे। इसके बाद इन सुझावों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
अभियान के तहत चयनित 140 विद्यार्थियों को 12वीं के बाद करियर कोचिंग के लिए दो लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 अगस्त को अभियान की शुरुआत करते हुए युवाओं से राज्य के विकास के लिए अपने विचार साझा करने का आग्रह किया था। उन्होंने श्रेष्ठ विचार देने वाले विद्यार्थियों को करियर संबंधी सहायता देने की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन अभियान के तहत राज्य के करीब तीन लाख ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों में से 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने विचार सरकार को भेजे और सहभागिता प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इनमें से 140 विद्यार्थियों का चयन विशेषज्ञों की टीम ने उनके श्रेष्ठ विचारों के आधार पर किया है।
मुख्यमंत्री धामी स्वयं भी विभिन्न नगरों में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनके विचारों पर चर्चा कर चुके हैं। अब अभियान के अंतिम चरण में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि युवाओं के सुझावों को संबंधित विभागों के स्तर पर समझा और परखा जा सके।
मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि युवा ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी उत्तराखण्ड का भविष्य है और उसके विचारों को समझना राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर विद्यार्थियों के साथ सार्थक और सकारात्मक संवाद हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन दिया है। देवभूमि के युवा भी इस लक्ष्य को हासिल करने में अपना योगदान देंगे। सरकार युवाओं के साथ संवाद और विश्वास के आधार पर आगे बढ़ रही है तथा उनके अच्छे विचारों को नीतियों में शामिल करने का प्रयास करेगी।
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