@शब्द दूत ब्यूरो (06 मई 2026)
उधमसिंह नगर। उत्तराखंड के नानकमत्ता क्षेत्र में कथित धर्मांतरण मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोपों के बीच नानकमत्ता थानाध्यक्ष मंजू बिष्ट का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह संजय पाठक को प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब एक महीने से हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों की कथित धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ विरोध जताया जा रहा था। संगठनों का आरोप है कि इस संबंध में पुलिस को पहले ही सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप यह भी है कि शिकायत करने वालों पर ही क्रॉस एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी उधमसिंह नगर द्वारा एडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई। समिति ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में नवीनगर क्षेत्र और आसपास बाहरी लोगों द्वारा प्रार्थना सभाओं के आयोजन और कथित धर्मांतरण प्रयासों के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
इधर, खुफिया विभाग की रिपोर्ट में भी मिशनरियों की गतिविधियों को लेकर इनपुट मिलने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। इसी के चलते विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष का तबादला किया गया।
हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों का आरोप है कि थारू-बुक्सा जनजाति बहुल क्षेत्रों में प्रलोभन देकर धर्मांतरण की कोशिशें की जा रही हैं। लोगों को कथित रूप से यह कहने के लिए कहा जा रहा है कि उन्होंने केवल पूजा पद्धति बदली है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून लागू है, जिसके तहत अवैध धर्म परिवर्तन कराने या उसमें शामिल पाए जाने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, जनजातीय समुदायों को मिलने वाले आरक्षण और अन्य सरकारी लाभ भी प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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