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व्यंग्य :गली-गली पत्रकार पैदा हो गए! कभी नेताओं की बढ़ती फौज का हिसाब भी लगा लीजिए जनाब,एक आईडी, एक माइक और बन गए पत्रकार! और एक झंडा उठाया और बन गये चाटुकार ( नेता)
🔊 Listen to this @विनोद भगत आजकल यह ताना इतनी आसानी से दिया जाता है, …







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